धीरेंद्र शास्त्री का हरियाणा प्रवास:
विवादों के बीच भी पदयात्रा जारी
हरियाणा में चल रही अपनी पदयात्रा के दौरान बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने समाज में एकता और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ भेदभाव नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलना है। लोगों से संवाद के दौरान शास्त्री ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि “अहंकार और कट्टरता दोनों ही विनाश का कारण बनते हैं, हमें संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
हालांकि उनके कुछ बयानों ने विवाद को जन्म दिया, पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय को आहत करना नहीं बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब आपसी सम्मान और सद्भाव कायम रहे।
इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर भी सामने आई, लेकिन उन्होंने पदयात्रा को रोकने से इनकार किया और कहा कि यह यात्रा लोगों के बीच प्रेम और शांति का संदेश देने के लिए है। हजारों की संख्या में उनके अनुयायी हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहुंचकर इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है। धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर विभाजन से समाज कमजोर होता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के बजाय सकारात्मकता का प्रसार करें।
शास्त्री का यह दौरा आध्यात्मिक संदेश के साथ-साथ सामाजिक संवाद का भी माध्यम बन गया है, जहां धार्मिकता और राष्ट्रभावना को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
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