गुरुग्राम में छिपे आरोपी को पकड़ने पहुंची UP पुलिस, कमरे के अंदर चली गोली; जांच में कई खुलासे

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Gurugram News

गुरुग्राम में उत्तर प्रदेश पुलिस से बचकर कथित तौर पर छिपे एक युवक से जुड़े मामले में उस समय हड़कंप मच गया, जब उसे पकड़ने पहुंची पुलिस की मौजूदगी के दौरान कमरे के अंदर गोली चलने की आवाज आई। युवक के बारे में दावा है कि उसने गुरुग्राम में अपनी पहचान और गतिविधियों को सीमित रखते हुए एक सीक्रेट गर्लफ्रेंड से संपर्क बनाए रखा था। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि वह कोर्ट में पेशी के दौरान वीडियो बनाता था। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम, गोली चलने की परिस्थितियों और युवक के गुरुग्राम नेटवर्क की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार युवक उत्तर प्रदेश में दर्ज एक मामले में पुलिस की कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसके गुरुग्राम में मौजूद होने की सूचना पुलिस को मिली।

सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम उसे पकड़ने के लिए गुरुग्राम पहुंची। स्थानीय स्तर पर भी आवश्यक पुलिस सहयोग लिया गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने गुरुग्राम को अपने छिपने के ठिकाने के रूप में चुना था। यहां वह पुलिस की नजरों से बचने के लिए अपनी गतिविधियां सीमित रख रहा था।

जांच में एक युवती से उसके संपर्क की बात भी सामने आई है। उसे आरोपी की कथित सीक्रेट गर्लफ्रेंड बताया जा रहा है।

हालांकि युवती और आरोपी के रिश्ते की वास्तविक प्रकृति तथा युवती को उसके आपराधिक मामले की जानकारी थी या नहीं, यह पुलिस जांच का विषय है।

पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए उसके संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान उसके एक स्थान पर मौजूद होने की पुष्टि हुई।

पुलिस टीम जब उसे पकड़ने पहुंची तो अंदर से गोली चलने की आवाज आने की बात सामने आई। इसके बाद मौके पर स्थिति गंभीर हो गई।

गोली किसने चलाई और किन परिस्थितियों में चली, इसकी फोरेंसिक तथा पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर इसके बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

पुलिस घटनास्थल से हथियार, कारतूस और अन्य संभावित साक्ष्य बरामद कर उनकी जांच कर सकती है।

हथियार मिलने की स्थिति में यह भी पता लगाया जाएगा कि वह लाइसेंसी था या अवैध। उसकी बैलिस्टिक जांच भी कराई जा सकती है।

घटना के समय कमरे या मकान में कौन-कौन मौजूद था, इसका पता लगाने के लिए संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज से पुलिस टीम और अन्य लोगों की आवाजाही की टाइमलाइन तैयार करने में मदद मिल सकती है।

आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस यह पता लगा सकती है कि वह फरारी के दौरान किन लोगों के संपर्क में था।

उसके गुरुग्राम पहुंचने और यहां ठहरने में किसी ने मदद की थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।

जांच में आरोपी द्वारा कोर्ट में पेशी के दौरान वीडियो बनाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस यह देख सकती है कि ये वीडियो किस उद्देश्य से बनाए जाते थे और उन्हें कहां साझा किया जाता था।

यदि वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए थे तो संबंधित अकाउंट और डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस आरोपी के पुराने मामलों और उसकी गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड को भी वर्तमान जांच के साथ जोड़ सकती है।

गुरुग्राम पुलिस के लिए स्थानीय स्तर पर आरोपी के ठिकाने, संपर्कों और हथियार से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल UP पुलिस की टीम के गुरुग्राम पहुंचने और कमरे के अंदर गोली चलने की घटना की जांच जारी है। आरोपी के कथित तौर पर पुलिस से बचकर गुरुग्राम में छिपने, एक युवती से संपर्क रखने और पेशी के वीडियो बनाने सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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