गुरुग्राम में नए सिविल अस्पताल के निर्माण को लेकर भाजपा नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बिना नाम लिए एक कैबिनेट मंत्री पर परियोजना में अड़चन डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट और प्रशासनिक मंजूरी के बावजूद राजनीतिक खींचतान के कारण निर्माण आगे नहीं बढ़ रहा।
आरती राव के अनुसार, परियोजना के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से 70 करोड़ रुपये की राशि लेकर हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम यानी एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक द्वेष के चलते जनहित के इस काम को रोका जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल निर्माण की जिम्मेदारी के संबंध में उन्हें अब तक कोई आधिकारिक लिखित जानकारी नहीं मिली है। वह जल्द मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर निर्माण शुरू कराने की मांग करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया अस्पताल सिविल लाइन्स स्थित पुरानी जगह पर ही बनाया जाएगा।
आरती राव ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनका उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय नागरिकों को किफायती तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
वहीं, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि अस्पताल का निर्माण पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन से कराने पर सहमति बनी है और जल्द टेंडर लगने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उनके लिए श्रेय से ज्यादा अस्पताल का बनना जरूरी है।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक ने एचएसआईआईडीसी उनके विभाग में होने का जिक्र किया और निर्माण में बाधा नहीं आने देने की बात कही। उपलब्ध विवरण में राव नरबीर सिंह की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
सिविल लाइन्स की पुरानी अस्पताल इमारत असुरक्षित घोषित होने के बाद गिराई जा चुकी है। फिलहाल सेक्टर-10 में अस्पताल संचालित है, जहां कार्यदिवसों में तीन हजार से अधिक ओपीडी होने की जानकारी दी गई है। निर्माण एजेंसियां बदलने के बीच नई इमारत का काम शुरू होने का इंतजार बना हुआ है।
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