गुरुग्राम। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही और देरी बरतने पर गुरुग्राम के दो राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने दोनों अधिकारियों पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही संबंधित सक्षम प्राधिकारी को उनके खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित समय में जानकारी नहीं देने पर कार्रवाई
मामले में शिकायतकर्ता हरेंद्र ढींगड़ा ने आरोप लगाया कि आरटीआई आवेदन के माध्यम से मांगी गई जानकारी निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग ने सूचना देने में हुई देरी और अधिकारियों की जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया।
आयोग ने माना कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत तय समय सीमा का पालन करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही बरतने पर कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी दिए जा चुके थे कार्रवाई के निर्देश
शिकायतकर्ता हरेंद्र ढींगड़ा के अनुसार, एक अन्य आरटीआई आवेदन से जुड़ी शिकायत पर आयोग पहले ही इन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और अधिनियम की धारा 20(2) के तहत उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दे चुका था।
इसके बावजूद निर्धारित समय में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए दोबारा सख्त रुख अपनाया।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश
राज्य सूचना आयोग ने जुर्माना लगाने के साथ संबंधित सक्षम प्राधिकारी को अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने को कहा है।
इस फैसले को आरटीआई आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
![]()











