फर्जी मान्यता के सहारे दाखिले का खेल, स्कूल प्रमुख हिरासत में

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Gurugram school fraud

गुरुग्राम में एक निजी स्कूल से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां संस्थान की महिला प्रमुख को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि स्कूल ने केंद्रीय बोर्ड की मान्यता होने का दावा कर 10वीं कक्षा में छात्रों का एडमिशन लिया, जबकि वास्तव में ऐसी कोई मान्यता नहीं थी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब परीक्षा के समय छात्रों के एडमिट कार्ड जारी नहीं हुए। अभिभावकों और छात्रों ने जब इस संबंध में स्कूल प्रशासन से संपर्क किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस से की गई, जिसके बाद जांच शुरू हुई।

जांच में सामने आया कि स्कूल प्रबंधन ने फर्जी तरीके से मान्यता का दावा कर अभिभावकों को गुमराह किया और बच्चों का दाखिला ले लिया। इस धोखाधड़ी के कारण छात्रों का एक साल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए स्कूल की प्रमुख को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अन्य निजी स्कूलों की जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों के एडमिशन से पहले स्कूल की मान्यता की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

यह मामला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।

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