हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के पोषण को बेहतर बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। सरकारी स्कूलों की छात्राओं को फोर्टिफाइड दूध उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों से छात्राओं से संबंधित आवश्यक डेटा MIS पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
निदेशालय के आदेश के अनुसार संबंधित डेटा भरने की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 8 सितंबर तक चलेगी। इस अवधि में स्कूलों को निर्धारित जानकारी MIS पोर्टल पर अपडेट करनी होगी, ताकि योजना के लिए पात्र छात्राओं की संख्या और आवश्यकता का सही आकलन किया जा सके।
फोर्टिफाइड दूध सामान्य दूध की तुलना में अतिरिक्त पोषक तत्वों से समृद्ध किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरियों के आहार में जरूरी पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाना होता है। हालांकि हरियाणा की इस योजना में दूध में कौन-कौन से पोषक तत्व और कितनी मात्रा में शामिल किए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।
सरकारी स्कूलों से मांगा जा रहा डेटा इस योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छात्राओं की सही संख्या उपलब्ध होने से दूध की आवश्यकता, वितरण व्यवस्था और आपूर्ति की योजना तैयार करने में विभाग को मदद मिल सकती है।
स्कूल प्रमुखों और संबंधित कर्मचारियों के लिए 8 सितंबर की समय सीमा महत्वपूर्ण रहेगी। MIS पोर्टल पर गलत या अधूरी जानकारी दर्ज होने से संबंधित स्कूल की वास्तविक आवश्यकता के आकलन पर असर पड़ सकता है। इसलिए रिकॉर्ड के आधार पर डेटा की जांच कर उसे समय पर अपडेट करना जरूरी होगा।
योजना लागू होने के बाद दूध की आपूर्ति कितनी बार की जाएगी, किन कक्षाओं या आयु वर्ग की छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा और वितरण की निगरानी किस स्तर पर होगी, इन पहलुओं पर भी विभागीय दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण रहेंगे।
स्कूल स्तर पर वितरण व्यवस्था के साथ दूध की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण पर भी ध्यान देना आवश्यक होगा। खाद्य सामग्री से जुड़ी किसी भी सरकारी योजना में गुणवत्ता मानकों का पालन और नियमित निगरानी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के पोषण पर ध्यान देने से उनकी स्कूल में नियमित उपस्थिति और समग्र विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य भी जुड़ा रहता है। विशेष रूप से किशोरावस्था में संतुलित पोषण की आवश्यकता अधिक होती है।
फिलहाल शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए फोर्टिफाइड दूध उपलब्ध कराने की तैयारी के तहत MIS पोर्टल पर डेटा भरने के आदेश दिए हैं। स्कूलों को 1 से 8 सितंबर के बीच निर्धारित जानकारी दर्ज करनी होगी। डेटा एकत्र होने के बाद योजना के वितरण और क्रियान्वयन से संबंधित आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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