हरियाणा में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सों की हड़ताल, सुरक्षा पर उठाए सवाल

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Haryana News

हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर हड़ताल कर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारी नर्सों ने नीति को ‘टॉर्चर पॉलिसी’ बताते हुए महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का सवाल उठाया। उनका कहना है कि तबादला व्यवस्था में कर्मचारियों की परिस्थितियों और पसंद को महत्व मिलना चाहिए।

इस विरोध के तहत नर्सिंग ऑफिसर्स ने 5, 6 और 7 अक्टूबर को प्रतिदिन दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया था। गुरुग्राम में नागरिक अस्पताल सहित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नर्सिंग कर्मचारियों ने इससे पहले काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी के दौरान विरोध दर्ज कराया था।

नर्सिंग कर्मचारियों का आरोप है कि नीति के कारण महिला स्टाफ को गृह जिले से 100 से 200 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया जा सकता है। उनके अनुसार, दूर तैनाती से परिवार और बच्चों की देखभाल में मुश्किलें बढ़ेंगी। प्रदर्शनकारियों ने पूछा कि ऐसी परिस्थितियों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन लेगा।

कर्मचारियों ने तबादला प्रक्रिया में वरिष्ठता और योग्यता की अनदेखी होने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि अस्पतालों में स्टाफ की उपलब्धता को ध्यान में रखे बिना स्थानांतरण करने से कामकाज प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इसका असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा।

नर्सिंग ऑफिसर्स की प्रमुख मांग है कि ट्रांसफर पॉलिसी में ऐच्छिक स्थान का विकल्प दिया जाए। मेवात कैडर सहित सभी नर्सिंग कैडर के कर्मचारियों की पसंद को प्रक्रिया में शामिल करने और जबरन स्थानांतरण रोकने की मांग उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा नीति वापस लेने की बात कही है।

नर्सिंग कर्मचारियों ने कहा कि वे मरीजों को परेशानी में नहीं डालना चाहते। घोषित सांकेतिक हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रखने की बात कही गई है। कर्मचारियों के अनुसार, विरोध का उद्देश्य सरकार तक उनकी आपत्तियां पहुंचाना है। उन्होंने मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में प्रदेश स्तर पर आगे की रणनीति तय करने की बात भी कही है।

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