हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों में ईंधन दरों में कई बार बदलाव होने के बाद अब एक बार फिर दाम बढ़ाए गए हैं। इससे परिवहन लागत के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंधन की कीमतों में अलग-अलग स्तर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिरसा में पेट्रोल और डीजल के दाम सबसे अधिक बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर रोजमर्रा के सामान और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
कृषि क्षेत्र में डीजल का उपयोग सिंचाई, ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पहले से बढ़ती लागत के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा अतिरिक्त बोझ पैदा करेगा। इसका असर आने वाले समय में सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से माल ढुलाई महंगी होगी। इससे बाजार में सामान की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन दरों में लगातार बदलाव का प्रभाव सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होता है और महंगाई का दबाव बढ़ता है। फिलहाल लोग आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों की स्थिति और सरकार के अगले कदमों पर नजर बनाए हुए हैं।
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