हरियाणा के नव-पदोन्नत प्रिंसिपल्स की 12 दिन की ट्रेनिंग अनिवार्य, 14 सितंबर से पहला बैच; 7 जिलों को बुलावा

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Haryana School Principals

गुरुग्राम : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में हाल ही में पदोन्नत हुए प्रिंसिपल्स के लिए 12 दिवसीय इंडक्शन ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) हरियाणा, गुरुग्राम में पहले बैच की रेजिडेंशियल ट्रेनिंग 14 सितंबर से शुरू होगी और 26 सितंबर 2026 तक चलेगी। पहले चरण में प्रदेश के सात जिलों के नव-पदोन्नत प्रिंसिपल्स को शामिल किया गया है।

SCERT के उप-निदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, पलवल, पानीपत, पंचकूला और यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को संबंधित प्रिंसिपल्स को ट्रेनिंग के लिए कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन जिलों के चयनित प्रिंसिपल्स को 14 सितंबर की सुबह SCERT गुरुग्राम में रिपोर्ट करना होगा। ट्रेनिंग पूरी तरह आवासीय होगी और निर्धारित 12 दिनों के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।

जिला स्तर पर ट्रेनिंग के लिए भेजे जाने वाले प्रिंसिपल्स का पूरा रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इस रिकॉर्ड की एक प्रति SCERT के साथ साझा करनी होगी। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

पहले बैच में सात जिलों को शामिल किया गया है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में पदोन्नत हुए प्रिंसिपल्स को आगामी चरणों में ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा।

हालांकि वर्तमान में SIR से संबंधित विशेष ड्यूटी पर तैनात प्रिंसिपल्स को इस चरण की ट्रेनिंग से छूट दी गई है। ऐसे अधिकारियों को बाद के चरण में इंडक्शन ट्रेनिंग पूरी करनी होगी।

इसके अलावा सामान्य परिस्थितियों में ट्रेनिंग से छूट नहीं मिलेगी। गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ही राहत पर विचार किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक होगा।

मेडिकल सर्टिफिकेट को संबंधित DEO के माध्यम से SCERT निदेशक के पास भेजना होगा। इसके बाद ट्रेनिंग से छूट देने या नहीं देने पर अंतिम निर्णय निदेशक स्तर पर लिया जाएगा।

यह इंडक्शन प्रोग्राम शिक्षा विभाग की ओर से 3 दिसंबर 2025, 29 मई 2026 और 20 जुलाई 2026 को जारी प्रमोशन एवं पोस्टिंग आदेशों के तहत पदोन्नत हुए प्रिंसिपल्स के लिए तैयार किया गया है।

ट्रेनिंग के दौरान नव-पदोन्नत प्रिंसिपल्स को स्कूल प्रशासन, शैक्षणिक नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारी संभालने वाले स्कूल प्रमुखों को प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यप्रणाली के लिए तैयार करना है।

स्कूल स्तर पर रिकॉर्ड प्रबंधन, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने जैसे विषय भी इंडक्शन कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

SCERT ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को समय पर प्रिंसिपल्स को कार्यमुक्त करने और निर्धारित तारीख पर उनकी रिपोर्टिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। पहले बैच के बाद बाकी जिलों के नव-पदोन्नत प्रिंसिपल्स के लिए भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

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