हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, बारिश का दौर फिर शुरू; 2 जिलों में यलो अलर्ट, सीजन में 17% कम बारिश

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Haryana Weather

हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है और बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग ने दो जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं झज्जर में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि पानीपत और सोनीपत में आसमान में बादल छाए रहे।

मानसून के दोबारा सक्रिय होने से लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। सुबह से ही कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि कई जिलों में बादल छाए रहे।

झज्जर में बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बनी। तेज बारिश के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पानीपत और सोनीपत में भी सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बादल छाने के बावजूद हर जगह बारिश नहीं हुई। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी कुछ गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की गतिविधियां आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती हैं। दो जिलों में यलो अलर्ट जारी होने के कारण वहां तेज बारिश के साथ अन्य मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

हालांकि इस मानसून सीजन में हरियाणा में अब तक सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश की कमी के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसानों और कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।

कम बारिश के चलते किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त नमी बनाए रखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में मानसून की मौजूदा सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

बारिश से तापमान में राहत मिलने के साथ-साथ भूजल और जलाशयों को भी फायदा हो सकता है। हालांकि लगातार तेज बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में जल निकासी से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना चुनौती रहेगी। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

मौसम में बदलाव के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कई स्थानों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

किसानों के लिए भी मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है। बारिश के अनुसार खेतों में सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाई जा सकती है।

प्रदेश में मानसून की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद पूरे सीजन की बारिश सामान्य से कम बनी हुई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि प्रदेश में बारिश की कमी कितनी दूर हो पाती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण अलग-अलग रह सकता है। कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में केवल बादल छाने या हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है।

फिलहाल झज्जर में तेज बारिश और पानीपत-सोनीपत में बादल छाने से मौसम सुहावना हुआ है। दो जिलों में यलो अलर्ट के बीच लोगों की नजर अब मौसम विभाग के अगले अपडेट पर बनी हुई है।

प्रदेश में इस सीजन सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण मानसून का यह दौर किसानों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति से प्रदेश में बारिश की कमी और मौसम का रुख और स्पष्ट होगा।

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