हरियाणा में सुबह-शाम बदला मौसम, रात के तापमान में गिरावट; 25 सितंबर तक मानसून की विदाई के आसार

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Haryana Weather

चंडीगढ़ : हरियाणा में मौसम का मिजाज अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी का असर बना हुआ है, लेकिन सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवाओं के साथ हल्की गुलाबी ठंड महसूस होने लगी है। रात के न्यूनतम तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रोहतक 36.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। इसके बाद गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री और फरीदाबाद में 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दूसरी तरफ रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। करनाल के ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

इसके अलावा पंचकूला में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री, यमुनानगर में 22.5 डिग्री तथा अंबाला और रेवाड़ी में 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर के कारण सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस होने लगा है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की परिस्थितियां बनने लगी हैं। 19 सितंबर तक मानसून की वापसी की रेखा राजस्थान के रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी और खाजूवाला तक पहुंच चुकी थी।

राजस्थान के ऊपर एंटीसाइक्लोन बनने के कारण हवाओं की दिशा में भी बदलाव की संभावना है। पुरवाई हवाओं की जगह पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है। इसके साथ मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ खिसकने की संभावना है।

इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से हरियाणा में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। हिसार या सिरसा की तरफ से मानसून की विदाई की रेखा आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो 25 सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे हरियाणा से विदा हो सकता है। मानसून की वापसी के साथ सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे और बदलाव देखने को मिल सकता है।

इस मानसून सीजन में हरियाणा में अब तक 317.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 409.7 मिलीमीटर बारिश होती है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 22 प्रतिशत कम रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों में यह मानसून सीजन सबसे कम बारिश वाले सीजन में शामिल है। इससे पहले वर्ष 2019 में प्रदेश में करीब 255 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

फिलहाल दिन में गर्मी का असर बना हुआ है, लेकिन सुबह और शाम के मौसम में बदलाव स्पष्ट होने लगा है। आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां और कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश के मौसम में मौसमी बदलाव का असर बढ़ने की संभावना है।

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