करनाल : अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की 38 वर्षीय युवती शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या के मामले में संदिग्ध बताए गए करनाल निवासी रोहित का पार्थिव शरीर अमेरिका से भारत पहुंचने के बाद उसके पैतृक गांव पाढ़ा लाया गया। परिवार और ग्रामीणों के अंतिम दर्शन के बाद गांव की शिवपुरी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
रोहित के पिता और चचेरे भाई ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी गांव पहुंचे और रोहित के पिता राजेश तथा अन्य परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी।
रोहित गांव पाढ़ा का रहने वाला था। उसके पिता राजेश जुंडला अनाज मंडी में आढ़ती हैं और रोहित उनकी इकलौती संतान था। परिवार के मुताबिक रोहित वर्ष 2023 में अमेरिका गया था और वहां डिलीवरी से जुड़ा काम करता था।
मामला 8 सितंबर का है। अमेरिका के सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे हाउ एवेन्यू स्थित एक शॉपिंग सेंटर में शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसी ने रोहित को इस वारदात का संदिग्ध बताया था।
प्रत्यक्षदर्शियों से संदिग्ध वाहन की जानकारी मिलने के बाद अमेरिकी पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार कुछ देर बाद वाहन हाईवे-50 और हाउ एवेन्यू के आसपास मिला। अधिकारियों ने वाहन को रुकवाया और उसके पास पहुंचे तो रोहित कार के अंदर मृत मिला। अधिकारियों के मुताबिक उसकी मौत खुद को गोली लगने से हुई थी।
अमेरिकी जांच एजेंसी ने रोहित पर शालिनी का पीछा और परेशान करने के भी आरोप लगाए थे। अधिकारियों के अनुसार जनवरी 2025 से दोनों से जुड़ी कई घटनाओं की शिकायत सामने आई थी। जांच में शालिनी की कार के पास ट्रैकिंग डिवाइस मिलने और उसका पीछा किए जाने जैसे आरोपों का भी उल्लेख किया गया।
एजेंसी के अनुसार शालिनी ने बाद में अदालत से रोहित के खिलाफ रोक आदेश भी हासिल किया था। जुलाई में उसने इस आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर पुलिस से शिकायत की थी। ये विवरण अमेरिकी अधिकारियों की जांच में सामने आए आरोपों पर आधारित हैं।
शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने भी रोहित पर अपनी बेटी का पीछा करने के आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि रोहित डिलीवरी के सिलसिले में शालिनी के कार्यस्थल पर आता था और उससे शादी करना चाहता था, लेकिन शालिनी ने इससे इनकार कर दिया था।
दूसरी ओर रोहित के परिवार ने मामले को लेकर अलग दावे किए हैं। उसके चाचा सत्यवान ने आरोप लगाया था कि दोनों के बीच आर्थिक लेन-देन भी था और रोहित ने बड़ी रकम शालिनी को दी थी। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों की ओर से सामने आए कुछ आरोपों पर भी सवाल उठाए थे। परिवार के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों का कहना है कि रोहित ने अपनी परेशानियों के बारे में परिवार को विस्तार से जानकारी नहीं दी थी। परिवार को स्थिति का पता होता तो वे उसे वापस भारत बुलाने का प्रयास करते।
अब रोहित का शव भारत पहुंचने के बाद गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं अमेरिका में शालिनी ठाकुर की हत्या और उससे जुड़े घटनाक्रम के संबंध में आधिकारिक तथ्य संबंधित अमेरिकी जांच एजेंसियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होंगे।
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