चंडीगढ़: माजरीहट्टा-नालागढ़ फोरलेन निर्माण परियोजना में लगातार हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया और मामले में कुछ नए पक्षकारों को भी शामिल करने के निर्देश दिए।
अदालत ने परियोजना की प्रगति पर चिंता जताते हुए संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी भी तलब की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक महत्व की परियोजनाओं में अनावश्यक देरी आम लोगों को प्रभावित करती है। इसलिए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की गई है। तब तक सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।
यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और अदालत के आगे के निर्देशों पर टिकी हैं।
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