जांच एजेंसियों की मौजूदगी से बढ़ी दहशत
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लगातार जांच एजेंसियों की आवाजाही और सुरक्षाकर्मियों की बढ़ती तैनाती का असर अब वहां की मेडिकल सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। यूनिवर्सिटी के अस्पताल में आमतौर पर जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते थे, वहीं अब डॉक्टर्स के पास आने वालों की संख्या noticeably कम हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी डर और असमंजस के कारण अस्पताल पहुंचने से हिचकिचा रहे हैं।
जांच एजेंसियों की टीम पिछले कुछ दिनों से लगातार कैंपस में मौजूद है, जिसके चलते अस्पताल और यूनिवर्सिटी परिसर में असामान्य तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा गार्ड की संख्या बढ़ा दी है। अचानक बढ़ी सुरक्षा और जांच ने छात्रों को भी मानसिक तौर पर प्रभावित किया है। कई छात्रों ने बताया कि वे बिना किसी जरूरत के हॉस्टल या विभागों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं, क्योंकि माहौल सामान्य नहीं लग रहा।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे छोटे-बड़े इलाज के लिए सीधे अल-फलाह अस्पताल का रुख करते थे, लेकिन अब जांच एजेंसियों के चलते वहां जाने से डर लग रहा है। कुछ लोग तो यह मान रहे हैं कि किसी बड़ी कार्रवाई या जांच के बीच अस्पताल जाने से उन्हें परेशानी हो सकती है, इसलिए वे दूसरे अस्पतालों का विकल्प चुन रहे हैं।
डॉक्टर्स और अस्पताल स्टाफ का कहना है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो मरीजों के उपचार पर असर पड़ सकता है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि अस्पताल की सभी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ एहतियातन बढ़ाई गई है।
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