पिहोवा हत्याकांड में फरारी के लिए पैसे देने के आरोप में दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों का विदेश जाने का था प्लान

2
Kurukshetra

कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में गुरप्रीत की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों की फरारी में आर्थिक मदद करने के आरोप में दो और युवकों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कैंथला निवासी मनीष कुमार और धनीरामपुरा निवासी शुभम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कर्ण और जशनदीप के खातों में पैसे जमा कराने के साथ उन्हें नकदी भी दी थी।

मुख्य आरोपी कर्ण और जशनदीप पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे और वहां से अपने साथी आशीष के साथ नेपाल की ओर निकल गए। जांच में सामने आया कि वे नेपाल के रास्ते किसी अन्य देश का वीजा लेकर आगे अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए कथित तौर पर अनियमित आव्रजन मार्ग, जिसे ‘डंकी’ कहा जाता है, अपनाने की योजना थी।

पुलिस को आरोपियों के नेपाल सीमा के आसपास होने की सूचना मिली थी। सीआईए-2 की टीम ने पहले आशीष को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि कर्ण और जशनदीप दस्तावेज तैयार कराने गए हैं और लौटने वाले हैं। दोनों के वापस आने पर टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनकी तलाश के दौरान अन्य पुलिस एजेंसियों से भी संपर्क किया गया था।

सीआईए-2 इंचार्ज मंदीप सिंह ने बताया कि अब फरारी में सहयोग देने वालों की भूमिका की जांच की जा रही है। मनीष और शुभम से पूछताछ के जरिए आर्थिक मदद तथा अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस जांच के अनुसार, विवाद की पृष्ठभूमि कॉलेज की प्रधानगी को लेकर चली आ रही रंजिश थी। गुरप्रीत का भाई गगनदीप और दोनों मुख्य आरोपी एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं तथा अलग-अलग छात्र समूहों से जुड़े थे।

14 सितंबर की रात पिहोवा चौक के पास रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई थी। बाद में मेन बाजार में विवाद बढ़ा और तलवार से हमला किए जाने का आरोप है। गुरप्रीत और गगनदीप घायल हुए थे। उपचार के दौरान 19 सितंबर को गुरप्रीत की मौत हो गई।

Loading