सबसे ज्यादा वोट मिले फिर भी नहीं मिली जीत, आरक्षण नियम ने बदल दिया पूरा चुनाव परिणाम

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Kurukshetra News

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में को-ऑपरेटिव सोसाइटी चुनाव के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम के बाद सामने आया कि संबंधित सीट अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित थी, जबकि सबसे अधिक वोट पाने वाला प्रत्याशी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से था।

जानकारी के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई उम्मीदवार मैदान में उतरे थे और मतदान के बाद वोटों की गिनती में OBC प्रत्याशी सबसे आगे रहा। उसे अन्य सभी उम्मीदवारों से अधिक समर्थन मिला, लेकिन आरक्षण नियम लागू होने के कारण उसकी जीत मान्य नहीं मानी गई। इसके बाद SC वर्ग से संबंधित प्रत्याशी को विजेता घोषित कर दिया गया।

इस फैसले के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। कई लोगों ने चुनाव प्रक्रिया और आरक्षण संबंधी जानकारी को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीट पहले से आरक्षित थी तो उम्मीदवारों और मतदाताओं को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

वहीं चुनाव अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है और आरक्षित सीट पर केवल संबंधित वर्ग का उम्मीदवार ही विजेता घोषित किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक चुनाव परिणाम कानूनी प्रावधानों के तहत घोषित किया गया है।

यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इसे चुनावी जागरूकता की कमी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग आरक्षण व्यवस्था

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