मोहाली में डॉक्टर पर युवती के यौन शोषण का आरोप, काम के बहाने बुलाकर कमरे में बंद करने की शिकायत

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Mohali News

मोहाली में एक युवती ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक डॉक्टर ने उसे काम के सिलसिले में बुलाया और कथित तौर पर कमरे में बंद कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि बाद में पीरिएड्स नहीं आने पर वह डर गई और कथित तौर पर उसका गर्भपात कराया गया।

पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह डॉक्टर के संपर्क में काम के सिलसिले में आई थी। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे एक कमरे में बुलाया और वहां पहुंचने के बाद दरवाजा बंद कर दिया।

युवती का कहना है कि उसने विरोध किया, लेकिन डॉक्टर ने कथित तौर पर उसकी बात नहीं मानी और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। घटना के बाद पीड़िता काफी परेशान रही और उसने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की।

शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद युवती को पता चला कि उसके पीरिएड्स नहीं आए हैं। इसके बाद वह डर गई। आरोप है कि डॉक्टर ने स्थिति को संभालने के नाम पर उसका गर्भपात करवाया।

पीड़िता ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सकती है। घटना से जुड़े स्थान और वहां मौजूद परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी।

पुलिस डॉक्टर और पीड़िता के बीच हुई बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। यदि कोई CCTV फुटेज उपलब्ध है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

गर्भपात से जुड़े आरोपों को लेकर पुलिस संबंधित मेडिकल दस्तावेजों और उपचार की जानकारी जुटा सकती है। यह भी जांचा जाएगा कि कथित गर्भपात कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुआ।

मामले में डॉक्टर की भूमिका और शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना से जुड़े आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।

पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रही। अब उसने पुलिस से न्याय और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में पीड़िता के बयान और मेडिकल साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मामले में आरोपी डॉक्टर की ओर से अभी कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल, मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और दोनों पक्षों के बयानों को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई कर सकती है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मोहाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पीड़िता के आरोपों और गर्भपात से जुड़े दावों की सत्यता जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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