पानीपत की न्यू मुखिजा कॉलोनी में आंधी के दौरान 11 केवी की बिजली तार टूटकर नीचे गिर गई और जमीन पर आग लग गई। घटना के समय वहां कोई व्यक्ति या जानवर मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। आसपास खड़े वाहन भी बच गए, हालांकि एक रिक्शे का टायर जल गया। जमीन पर तार गिरने और जलने के निशान मौजूद हैं।
मामला वार्ड नंबर 19 की गली नंबर 15 का है। यहां घरों के सामने से खुली बिजली लाइन गुजरती है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस लाइन को सुरक्षित केबल में बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गली में रहने वाले करीब 50 परिवारों की सुरक्षा जुड़ी हुई है। तार टूटने की घटना के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है।
कॉलोनीवासियों के अनुसार, शिकायत के बाद बिजली निगम ने लाइन का सर्वे किया था और खुली कंडक्टर लाइन को केबल में बदलने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए केबल और नए खंभे भी मंगवाए गए। खंभे लगाने का काम शुरू होने के बाद गली के एक व्यक्ति ने अपने घर के सामने खंभा लगाने का विरोध किया, जिसके बाद काम रुक गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के बाद नेताओं के फोन आने लगे और बिजली निगम ने काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि खंभे की जगह को लेकर समाधान निकाला जा सकता था, लेकिन पूरी गली की सुरक्षा से जुड़ा काम अधर में छोड़ दिया गया।
काम रुकने के विरोध में कॉलोनी के लोगों ने बिजली निगम के एसई कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर धरना भी दिया था। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कई दिन धरने पर बैठने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। आश्वासन मिलने के बाद भी लाइन बदलने का काम दोबारा शुरू नहीं किया गया।
कॉलोनीवासियों ने विवाद का समाधान कर सुरक्षित केबल लगाने का काम जल्द शुरू करने की मांग की है। उपलब्ध विवरण में काम रुकने के आरोपों पर बिजली निगम का पक्ष शामिल नहीं है।
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