यमुनानगर के नाहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटी को जन्म देने के बाद 25 वर्षीय मुन्नी देवी की मौत के मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग बोर्ड के माध्यम से करवाएगा। जांच में प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने के कारण, रेफर करने के निर्णय और समय पर उचित उपचार मिलने सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
दौलतपुर निवासी मुन्नी देवी को शुक्रवार, नौ अक्टूबर की सुबह करीब 4:50 बजे प्रसव पीड़ा होने पर नाहरपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। सुबह 5:04 बजे उन्होंने 2.4 किलोग्राम की बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें यमुनानगर के सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
रेफरल पर्ची में सुबह 5:40 बजे का समय दर्ज है। इसके अनुसार, बच्ची के जन्म के करीब 36 मिनट बाद महिला को रेफर किया गया। सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान उसी दिन शाम करीब आठ बजे उनकी मौत हो गई।
मामले में रेफरल पर्ची पर दर्ज विवरण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पर्ची में प्रसव के बाद महिला की हालत अच्छी लिखी गई है, जबकि हीमोग्लोबिन का स्तर छह ग्राम दर्ज है। डॉक्टर के ड्यूटी पर नहीं होने संबंधी टिप्पणी भी सामने आई है। इस टिप्पणी का संदर्भ और उस समय उपलब्ध चिकित्सकीय स्टाफ की स्थिति जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
बोर्ड की जांच में सीएचसी में भर्ती करने, प्रसव कराने, प्रसव के बाद निगरानी और उपलब्ध उपचार की समीक्षा की जाएगी। महिला को किस स्थिति में रेफर किया गया और उस निर्णय का आधार क्या था, इसकी भी पड़ताल होगी।
ड्यूटी रोस्टर, केस शीट, हीमोग्लोबिन जांच रिपोर्ट और रेफरल पर्ची के साथ सिविल अस्पताल में दिए गए उपचार के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा सकती है। जांच से यह स्पष्ट करने का प्रयास होगा कि महिला की हालत किन कारणों से बिगड़ी और उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सा प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं। फिलहाल मौत के कारण और उपचार में किसी संभावित कमी पर जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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