राजस्व कर्मियों का आक्रोश, सड़क पर उतरी आवाज

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जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन, मांगों पर अड़े पटवारियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

करनाल में राजस्व विभाग से जुड़े पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। मंगलवार को बड़ी संख्या में पटवारियों ने जिला सचिवालय के सामने धरना देकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और जल्द समाधान की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार को अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि सुविधाएं और संसाधन सीमित हैं। इससे न केवल कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

पटवारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर लंबी हड़ताल की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और कार्य परिस्थितियों में सुधार है।

धरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया और उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, पटवारियों ने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहते हैं।

धरने में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि पटवारियों की भूमिका जमीन से जुड़े मामलों, राजस्व रिकॉर्ड और नागरिक सेवाओं में बेहद महत्वपूर्ण है। यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए कार्यालयीन कार्य भी प्रभावित हुआ।

पटवारी संघ ने दोहराया कि सरकार को जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने चाहिए, ताकि कामकाज सामान्य रूप से चलता रहे और कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।

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