चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े कथित वीडियो विवाद में फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के मामले में जांच के दौरान नया खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, मामले में आरोपी अंकित के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में कार्यरत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उसकी कथित भूमिका और आरोपों की जांच अभी जारी है तथा मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच के दौरान अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में पंजाब के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने या उसके इस्तेमाल में किसी अधिकारी की कोई भूमिका रही या नहीं।
मामले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच जारी है और संबंधित एजेंसियों की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा किए जाने का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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