कैथल : पंजाबी गायक आर नेत से जुड़े म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के दौरान हथियारों के कथित प्रदर्शन को लेकर पुलिस की ओर से नोटिस जारी किए जाने के मामले में आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि गायक को राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है।
सुशील गुप्ता ने अपनी पोस्ट में कहा कि कलाकार किसी एक राजनीतिक दल या क्षेत्र के नहीं होते, बल्कि सभी के होते हैं। उन्होंने दावा किया कि आर नेत ने पंजाब चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के लिए गाना गाया था और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को संबोधित करते हुए पंजाब के कलाकारों को परेशान नहीं करने की बात कही। साथ ही आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई कलाकार की प्रतिभा को दबाने की राजनीति है। ये आरोप सुशील गुप्ता की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनका राजनीतिक पक्ष है।
मामला कैथल जिले के गांव कमालपुर में हुई एक म्यूजिक वीडियो की शूटिंग से जुड़ा है। शूटिंग के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे, जिनमें टीम के कुछ सदस्य हथियारों के साथ दिखाई दिए। इसके बाद मामला कैथल पुलिस के संज्ञान में पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक शूटिंग के दौरान बिना अनुमति हथियारों के प्रदर्शन की बात सामने आने के बाद फिल्म डायरेक्टर परम चहल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। पुलिस का कहना है कि जवाब मिलने और तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैथल के डीएसपी बीर भान ने मामले को लेकर कहा था कि सोशल मीडिया के माध्यम से शूटिंग के दौरान हथियारों के प्रदर्शन की जानकारी पुलिस के संज्ञान में आई थी। बिना अनुमति इस प्रकार की गतिविधि को लेकर पुलिस ने नोटिस जारी किया है।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के आरोप अलग-अलग पक्ष हैं। पुलिस ने कार्रवाई को शूटिंग के दौरान हथियारों के कथित प्रदर्शन से जोड़ा है, जबकि सुशील गुप्ता ने इसके पीछे राजनीतिक कारण होने का आरोप लगाया है।
पंजाब के मानसा जिले के धरमपुरा गांव से ताल्लुक रखने वाले आर नेत का पूरा नाम नेत्रपाल सिंह है। उन्होंने पंजाबी संगीत जगत में कई चर्चित गाने दिए हैं और अन्य कलाकारों के साथ भी काम किया है।
फिलहाल पुलिस की ओर से नोटिस का जवाब मांगा गया है। नोटिस पर संबंधित पक्ष का जवाब और पुलिस की आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में कोई अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाती है या नहीं।
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