रोहतक फिल्म फेस्टिवल में रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज, युवाओं को दिया संदेश- मेहनत कभी बेकार नहीं जाती

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Rohtak International Film Festival

रोहतक : दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सिनेमा जगत की कई हस्तियों ने भाग लिया। कुछ कलाकार कार्यक्रम में पहुंचे, जबकि अभिनेता रणदीप हुड्डा ने वीडियो संदेश के जरिए रोहतक और फेस्टिवल में शामिल युवाओं से संवाद किया। उन्होंने हरियाणवी अंदाज में सभी को राम-राम कहते हुए युवाओं को लगातार मेहनत करते रहने की सीख दी।

रोहतक के गांव जसिया से ताल्लुक रखने वाले रणदीप हुड्डा ने अपने वीडियो संदेश की शुरुआत देसी अंदाज में की। उन्होंने रोहतक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित होने पर खुशी जताई और ज्यूरी सदस्यों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाने की बात कही। साथ ही विद्यार्थियों से फिल्म फेस्टिवल के अनुभव से ज्यादा से ज्यादा सीखने का आह्वान किया।

रणदीप ने अपने खास हरियाणवी अंदाज में युवाओं से कहा कि वे अपने काम में लगे रहें और कोशिश करना न छोड़ें। उन्होंने मेहनत को सफलता का आधार बताते हुए कहा कि लगातार प्रयास करने वाले व्यक्ति को आगे बढ़ने के अवसर जरूर मिलते हैं।

वीडियो संदेश में रणदीप ने अपनी मां आशा हुड्डा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपनी मां को उनकी तरफ से राम-राम कहने की बात कही। उनके इस देसी अंदाज और संदेश को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पसंद किया।

फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने भी शिरकत की। उन्होंने हरियाणवी सिनेमा और प्रदेश के युवा कलाकारों की प्रतिभा पर बात की। अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा लगातार आगे बढ़ रहा है और नई पीढ़ी के कलाकारों में काफी ऊर्जा है। इस ऊर्जा को सही दिशा और उचित मंच मिलने की जरूरत है।

उन्होंने हरियाणवी फिल्म ‘लाइसेंस’ का जिक्र करते हुए इसकी सराहना की। अखिलेंद्र मिश्रा ने बताया कि मासूम शर्मा उनके विद्यार्थी भी रहे हैं और उन्होंने ‘लाइसेंस‘ के रूप में एक अच्छी फिल्म तैयार की है। फेस्टिवल में दर्शकों ने इस फिल्म को भी देखा।

अपने अभिनय करियर पर बात करते हुए अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्हें केवल नकारात्मक या डरावने किरदारों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ में निभाए चंद्रशेखर आजाद के किरदार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने नई पीढ़ी तक सार्थक सिनेमा पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा भी पहुंचीं। उन्होंने रोहतक से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा कीं। आशा हुड्डा ने बताया कि वह डीएलएफ कॉलोनी में रही हैं और उनकी पढ़ाई भी रोहतक में हुई। उन्होंने एमडीयू से एमए की पढ़ाई की थी।

आशा हुड्डा ने बताया कि उन्होंने हरियाणवी फिल्म ‘सांगी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि अभिनय के प्रति उनका लगाव बेटे रणदीप में भी आया। रणदीप ने डॉक्टर बनने के बजाय अभिनय को अपना करियर चुना और आज उन्हें एक सफल अभिनेता के रूप में देखकर उन्हें खुशी होती है।

उन्होंने बताया कि करीब 22 साल पहले उन्होंने रोहतक छोड़ दिया था, लेकिन यहां वापस आने पर आज भी पुरानी यादें और वही अपनापन महसूस होता है।

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्मों के प्रदर्शन के साथ कलाकारों और विद्यार्थियों के बीच सिनेमा, अभिनय और करियर से जुड़े अनुभव साझा किए जा रहे हैं। फिल्म जगत की हस्तियों के संदेशों के जरिए युवा कलाकारों को निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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