सड़क निर्माण की मांग को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के सबसे व्यस्ततम मार्ग महात्मा गांधी मार्ग की जर्जर हालत को लेकर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वर्षों से बदहाल पड़ी इस सड़क की दुर्दशा से परेशान नागरिकों ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश जांगड़ा की अगुवाई में सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाया जाए, अन्यथा वे धरना लगाने को मजबूर होंगे। अपने संबोधन में कांग्रेस नेता नरेश जांगड़ा ने कहा कि यह मार्ग नगर की जीवनरेखा है, लेकिन इसकी स्थिति किसी ग्रामीण कच्चे रास्ते से भी बदतर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जिससे आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। नरेश जांगड़ा ने कहा कि महात्मा गांधी मार्ग सफीदों का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग से मकबरा पीर, रामपुरा रोड, बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, नई व पुरानी अनाज मंडी, रेलवे रोड और जींद रोड जैसे प्रमुख स्थानों के लिए आवागमन होता है। दिनभर इस सड़क पर वाहनों का भारी दबाव रहता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने इस ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर का इतना महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब यहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। कई जगह तो सड़क का नामोनिशान तक मिट चुका है और गड्ढों में पूरी सड़क समा गई है। नरेश जांगड़ा ने आगे कहा कि इस मार्ग पर हर रोज लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क जानलेवा साबित हो रही है। इसके अलावा सड़क पर अतिक्रमण की समस्या ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने शासन व प्रशासन से मांग की कि इस सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए और अतिक्रमण को हटाकर यातायात को सुचारू बनाया जाए। नरेश जांगड़ा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे यहां टेंट लगाकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस दौरान यदि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि अब वे चुप बैठने वाले नहीं हैं और अपने हक के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
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