कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतकर लौटीं प्रिया घनघस, बोलीं- संघर्ष के बिना सफलता नहीं; अब एशियन गेम्स पर नजर

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Priya Ghanghas

कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत लौटीं हरियाणा की खिलाड़ी प्रिया घनघस का जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से लेकर उनके गृह क्षेत्र तक खेल प्रेमियों, परिजनों और समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच और लगातार किए गए कठिन अभ्यास को दिया।

मीडिया से बातचीत में प्रिया घनघस ने कहा कि किसी भी बड़ी सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष और अनुशासन होता है। उन्होंने कहा कि बिना मेहनत और कठिनाइयों का सामना किए कोई भी खिलाड़ी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकता। उनका मानना है कि हर चुनौती इंसान को और मजबूत बनाती है।

प्रिया ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा फोकस आगामी एशियन गेम्स पर है और वह देश के लिए वहां भी स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी करेंगी।

उन्होंने युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। नियमित अभ्यास, धैर्य और आत्मविश्वास ही किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।

प्रिया के स्वागत के दौरान खेल प्रेमियों ने भारत माता के जयकारे लगाए और उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया। परिवार के सदस्यों ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम पूरे देश ने देखा है।

फिलहाल प्रिया घनघस कुछ दिन विश्राम के बाद फिर से प्रशिक्षण शुरू करेंगी। उनका लक्ष्य एशियन गेम्स और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए और अधिक पदक जीतना है।

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