सफीदों, (एस• के• मित्तल) : हरियाणा के सफीदों स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज इन दिनों एक संभावित प्रशासनिक बदलाव को लेकर सुर्खियों में है। कॉलेज की वर्तमान प्रिंसिपल डॉ. सुदेश चौधरी को हटाने और उनकी जगह कॉन्ट्रैक्ट आधार पर कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर को नियुक्त करने की चर्चाएं गर्म हैं। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में सत्तापक्ष के एक वरिष्ठ भाजपा नेता द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को लिखित सिफारिश भेजी गई है। जानकारी के मुताबिक, यदि यह बदलाव होता है तो यह कॉलेज पूरी तरह से कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम पर चलने वाला संस्थान बन जाएगा। वर्तमान में प्रिंसिपल का पद ही एकमात्र ऐसा पद है, जिस पर नियमित सरकारी नियुक्ति है। बाकी सभी कर्मचारी चपरासी से लेकर प्रोफेसर तक अनुबंध आधार पर ही कार्य कर रहे हैं। ऐसे में इस एकमात्र स्थायी पद को भी कॉन्ट्रैक्ट पर देने की संभावनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. सुदेश चौधरी की नियुक्ति करीब एक वर्ष पहले ही इस कॉलेज में प्रिंसिपल के रूप में हुई थी। इससे पहले भी इस पद पर जो भी अधिकारी रहे, वे सभी नियमित सरकारी सेवाओं से जुड़े रहे हैं। खास बात यह भी सामने आई है कि जिस एसोसिएट प्रोफेसर के नाम की सिफारिश की गई है, वह स्वयं अनुबंध पर कार्यरत हैं और उनकी पत्नी भी इसी कॉलेज में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर प्रोफेसर हैं। कॉलेज में लगभग 600 छात्र-छात्राएं विभिन्न नर्सिंग पाठ्यक्रमों बीएससी, जीएनएम और एएनएममें अध्ययनरत हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने वर्षों के बाद भी कॉलेज का अपना स्थायी भवन तैयार नहीं हो पाया है। फिलहाल कक्षाएं अस्थायी व्यवस्था में संचालित की जा रही हैं। हालांकि हाल ही में भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस दिशा में प्रगति होगी। लोगों का मानना है कि यदि प्रिंसिपल जैसे अहम पद को भी कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया गया, तो इससे संस्थान की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
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