सिरसा में किसान-मजदूर संगठनों का जेल भरो आंदोलन, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन

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Sirsa News

हरियाणा के सिरसा में किसान और मजदूर संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर जेल भरो आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध जताया। इसके साथ ही यूरिया की बढ़ती कीमतों और किसानों को महंगे दामों पर खाद मिलने को लेकर भी नाराजगी जाहिर की गई।

आंदोलन में शामिल किसान और मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कृषि क्षेत्र पहले ही कई चुनौतियों से जूझ रहा है और ऐसे में व्यापार समझौतों का असर किसानों की आय और फसलों की कीमतों पर पड़ सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि किसी भी व्यापार समझौते में किसानों और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

आंदोलनकारियों ने यूरिया की उपलब्धता और कीमतों का मुद्दा भी उठाया। किसानों का आरोप है कि उन्हें यूरिया महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। उनका कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसलों से मिलने वाली आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही।

जेल भरो आंदोलन के दौरान किसान और मजदूर संगठनों ने सरकार से अपनी मांगों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया।

किसान संगठनों का कहना है कि कृषि से जुड़े फैसले लेते समय किसानों की आर्थिक स्थिति और उत्पादन लागत को ध्यान में रखना जरूरी है। वहीं मजदूर संगठनों ने भी सरकार की नीतियों में श्रमिक हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

सिरसा में हुए इस आंदोलन के जरिए संगठनों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

फिलहाल भारत-अमेरिका ट्रेड डील और यूरिया की कीमतों को लेकर किसान संगठनों का विरोध जारी है। आंदोलन के आगे के स्वरूप को लेकर संगठनों की अगली बैठक में फैसला लिया जा सकता है।

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