हरियाणा में मतदाता सूची को लेकर बड़ा सत्यापन अभियान शुरू होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन विभाग ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत लाखों वोटर्स के रिकॉर्ड की दोबारा जांच का फैसला लिया है। प्रारंभिक समीक्षा में करीब 37 लाख मतदाता रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां और संदिग्ध एंट्री सामने आने के बाद यह अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर डुप्लीकेट नाम, गलत पते, मृत व्यक्तियों के नाम और स्थानांतरण के बावजूद बने हुए रिकॉर्ड पाए गए हैं।
राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा था। ऐसे में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि साफ और पारदर्शी वोटर डेटा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से 15 जून से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
इस अभियान में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) हर घर पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि करेंगे। यदि किसी मतदाता की जानकारी गलत पाई जाती है तो उसे सुधारने की प्रक्रिया भी मौके पर ही शुरू की जाएगी। इसके अलावा नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र लोगों के नाम हटाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सत्यापन टीम को सही जानकारी दें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं ताकि मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बनाई जा सके। प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से भविष्य के चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी मतदान जैसी शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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