हरियाणा में ग्रुप-डी भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने नई चयन व्यवस्था लागू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब भर्ती पूरी तरह कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के स्कोर के आधार पर की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों का 100 प्रतिशत चयन मेरिट के आधार पर होगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की कोशिश की जा रही है।
नई नीति लागू होने के बाद लाखों युवाओं में चर्चा तेज हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती में पारदर्शिता बढ़ेगी और उम्मीदवारों को बार-बार अलग-अलग परीक्षाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब CET में प्राप्त अंकों के आधार पर ही उम्मीदवारों की स्थिति तय होगी और उसी के अनुसार चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भर्ती के लिए सिलेबस को भी दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, गणित और भाषा से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं, जबकि दूसरे भाग में हरियाणा सामान्य ज्ञान और संबंधित विषयों पर फोकस रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि नए पैटर्न से उम्मीदवारों को तैयारी करने में स्पष्ट दिशा मिलेगी।
इस नई व्यवस्था की खास बात यह भी है कि पुराने अभ्यर्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। जिन उम्मीदवारों ने पहले CET दिया हुआ है, वे भी निर्धारित नियमों के तहत नई प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इससे पहले से तैयारी कर रहे युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव को लेकर छात्रों और कोचिंग संस्थानों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ उम्मीदवारों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा अब और ज्यादा कठिन हो जाएगी। फिलहाल नई नीति ने हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच हलचल बढ़ा दी है।
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