करनाल में हाईवोल्टेज बिजली तारों की चपेट में आए श्रद्धालुओं से भरे कैंटर हादसे में एक पूर्व सैनिक की मौत हो गई। हादसे के दौरान पूर्व सैनिक ने यात्रियों को बचाने की कोशिश की थी। उनकी बहादुरी और सेवा भावना को देखते हुए अंतिम संस्कार से पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।
बताया जा रहा है कि कैंटर में करीब 70 श्रद्धालु सवार थे और यह वाहन राजस्थान के एक धार्मिक स्थल की ओर जा रहा था। रास्ते में कैंटर हाईवोल्टेज बिजली की तारों के संपर्क में आ गया। तारों के संपर्क में आते ही वाहन में करंट फैल गया और कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के दौरान पूर्व सैनिक ने यात्रियों को बचाने के लिए आगे बढ़कर मदद करने का प्रयास किया। इसी दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में कई श्रद्धालुओं के झुलसने की जानकारी सामने आई थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू की।
पूर्व सैनिक के निधन से उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। लोगों ने उनके साहस को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरे यात्रियों को बचाने की कोशिश की। उनकी इस कोशिश को स्थानीय लोगों ने बहादुरी और मानवीय संवेदना का उदाहरण बताया।
अंतिम विदाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सम्मान दिया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पूर्व सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
हादसे के बाद बिजली की हाईवोल्टेज लाइनों और सड़क से गुजरने वाले बड़े वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन के सामने यह जांच करना महत्वपूर्ण है कि बिजली की तारें वाहन के संपर्क में कैसे आईं और हादसे को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय मौजूद थे या नहीं।
घटना ने धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़क और बिजली सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे रास्तों पर ऊंचे वाहनों की आवाजाही के दौरान बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना जरूरी है।
पुलिस ने हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। बिजली विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर लाइन से संबंधित स्थिति की जांच की। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व सैनिक की मौत ने परिवार के साथ-साथ उन लोगों को भी गहरा दुख पहुंचाया है, जिन्हें बचाने की कोशिश में उन्होंने अपनी जान गंवाई। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई ने उनके सैन्य जीवन और साहस को सम्मान दिया।
करनाल का यह हादसा लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा में रहेगा। एक पूर्व सैनिक द्वारा संकट की घड़ी में दूसरों की मदद के लिए आगे बढ़ना उनकी सेवा भावना को दर्शाता है।
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