चंडीगढ़ में बिजली शिकायतों पर तय हुई समयसीमा, फ्यूज की खराबी 4 घंटे में ठीक करनी होगी

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चंडीगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे को लेकर नई समयसीमा तय की गई है। बिजली से जुड़ी 15 अलग-अलग सेवाओं के लिए शिकायत दूर करने की निर्धारित अवधि लागू की गई है। इसके तहत यदि किसी उपभोक्ता के घर या कनेक्शन का फ्यूज उड़ता है तो उसे अधिकतम चार घंटे के भीतर ठीक करना होगा।

बिजली विभाग की ओर से यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को समय पर राहत देने और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। अब बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने के बाद संबंधित सेवा के लिए तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी।

नई व्यवस्था के तहत केवल फ्यूज खराब होने की शिकायत ही नहीं, बल्कि बिजली कनेक्शन और आपूर्ति से जुड़ी कई अन्य सेवाओं के लिए भी समय निर्धारित किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल सकेगी कि उनकी शिकायत का समाधान कितने समय में किया जाना चाहिए।

बताया गया है कि चंडीगढ़ में बिजली सेवाओं के लिए पंजाब के संबंधित कानून को लागू किया गया है। इसके आधार पर विभिन्न सेवाओं के लिए समयसीमा निर्धारित की गई है।

फ्यूज उड़ने की स्थिति में चार घंटे की समयसीमा उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। कई बार छोटी तकनीकी खराबी के कारण घरों और दुकानों की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसी स्थिति में लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बिजली विभाग की ओर से शिकायतों की निगरानी की व्यवस्था भी की जा सकती है, ताकि तय समय में शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित हो सके। उपभोक्ताओं के लिए शिकायत नंबर या अन्य विवरण संभालकर रखना उपयोगी होगा।

नई समयसीमा लागू होने से बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। उन्हें शिकायत की प्रकृति के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर कार्रवाई करनी होगी।

यदि शिकायत किसी ऐसी तकनीकी समस्या से संबंधित है जिसके लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है, तो उसके लिए अलग समयसीमा निर्धारित हो सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करते समय समस्या का सही विवरण देना जरूरी होगा।

बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी राहत मिलेगी। बिजली बाधित रहने से कामकाज प्रभावित होने की स्थिति में समय पर सेवा बहाल होना महत्वपूर्ण है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य बिजली विभाग की सेवाओं को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाना भी है। तय समयसीमा से उपभोक्ताओं को शिकायत के निपटारे को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

यदि निर्धारित समय में शिकायत का समाधान नहीं होता है तो उपभोक्ता संबंधित शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से मामला आगे बढ़ा सकते हैं। शिकायत की तारीख और शिकायत नंबर ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण होंगे।

बिजली सेवाओं से जुड़ी 15 श्रेणियों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए जाने से विभाग के कामकाज में भी स्पष्टता आने की उम्मीद है। कर्मचारियों को प्रत्येक शिकायत के लिए तय अवधि के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।

चंडीगढ़ में बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। नई समयसीमा लागू होने के बाद शिकायत निवारण प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर भी नजर रहेगी।

फिलहाल फ्यूज उड़ने जैसी शिकायत के लिए चार घंटे की समयसीमा तय की गई है। बिजली से जुड़ी अन्य 14 सेवाओं के लिए भी निर्धारित समय के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।

नई व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को बिजली शिकायतों के समाधान के लिए एक स्पष्ट समयसीमा मिलेगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इन निर्धारित समयों का पालन किस तरह सुनिश्चित करता है।

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