आंगनबाड़ी के मासूमों पर भवन संकट की मार केंद्र शिफ्ट करने के निर्देश से भड़का विरोध 19 साल से स्कूल परिसर में चल रहा केंद्र

4
Anganwadi Centre
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर की आदर्श कॉलोनी स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में भवन की कमी का असर अब इसी परिसर में पिछले करीब 19 वर्षों से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के मासूम बच्चों और लाभार्थी महिलाओं पर पड़ता दिखाई दे रहा है। स्कूल के चार कमरों को असुरक्षित घोषित कर सील किए जाने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र को भी वर्तमान कमरे से हटाकर किसी अन्य स्थान पर संचालित करने के निर्देश दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। दूसरी ओर, अभिभावकों और लाभार्थी महिलाओं ने केंद्र को दूर स्थान पर शिफ्ट करने का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, आदर्श कॉलोनी के राजकीय मिडिल स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से संचालित है। स्कूल के चार कमरों को असुरक्षित घोषित किए जाने और सील किए जाने के बाद भवन की व्यवस्था को लेकर स्थिति बदल गई। इसी बीच महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी वर्कर रेणु कुमारी को लिखित निर्देश दिए गए कि वह स्कूल का कमरा खाली कर आंगनबाड़ी केंद्र को किसी अन्य स्थान पर संचालित करें।
बाक्स:
दूर शिफ्ट करने पर अभिभावकों की आपत्ति
केंद्र को शिफ्ट किए जाने की जानकारी मिलने पर आंगनबाड़ी केंद्र से राशन लेने वाली महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं तथा तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों के अभिभावकों ने विरोध जताया। स्थानीय नगर पार्षद मंजू, नगर पार्षद ज्योति देवी, पूर्व पार्षद रामभरोसे, विकास सहित अन्य लोगों ने केंद्र को दूर शिफ्ट किए जाने पर आपत्ति जताई। लाभार्थियों का कहना है कि यदि केंद्र को वर्तमान स्थान से हटाया जाता है तो छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों के अनुसार, जिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में केंद्र को शिफ्ट करने की बात कही जा रही है, वह वर्तमान केंद्र से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने के लिए कई व्यस्त मुख्य सड़कों को पार करना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों को नियमित रूप से इतनी दूर ले जाना सुरक्षित और सुविधाजनक नहीं है। लाभार्थियों ने आंगनबाड़ी वर्कर को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र को बिना उचित व्यवस्था के कहीं और शिफ्ट किया गया और आने-जाने के दौरान किसी बच्चे या महिला के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे आंदोलन करेंगे।
बाक्स:
मामूली दरार को लेकर भी उठे सवाल
विरोध कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि वर्तमान कमरे में केवल हल्की दरार होने की बात सामने आ रही है। यदि कमरे को असुरक्षित माना जा रहा है तो इसकी तकनीकी जांच करवाकर स्पष्ट स्थिति बताई जानी चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि स्कूल के कुछ कमरों को असुरक्षित घोषित कर सील किया गया है तो आंगनबाड़ी केंद्र वाले कमरे की सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
बाक्स:
2007 से संचालित है केंद्र
बताया गया कि इस स्कूल परिसर में वर्ष 2007 में बचपनशाला शुरू की गई थी, जिसे वर्ष 2011 में आंगनबाड़ी-कम-प्ले स्कूल का स्वरूप दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र की गतिविधियों और उपलब्धियों को लेकर विभाग को भी पूर्व में सम्मान मिल चुका है। इसी क्रम में वर्ष 2022 की उपलब्धियों के संदर्भ में पंचकूला में आयोजित एक विशेष समारोह में विभाग को सम्मानित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बाक्स:
एसडीएम ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कमरा देने की बात कही: वर्कर
आंगनबाड़ी वर्कर रेणु कुमारी ने बताया कि एसडीएम पुलकित मल्होत्रा की ओर से भी केंद्र को शिफ्ट करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं और बच्चों के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कमरा उपलब्ध करवाने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि अभिभावक और लाभार्थी महिलाएं इस व्यवस्था से सहमत नहीं हैं।
फोटो कैप्शन 1एसएफडीएम4.: स्कूल में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र।

Loading