गुरुग्राम नगर निगम कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, 800-900 लोग निकाले गए बाहर; बम और डॉग स्क्वायड ने खंगाला परिसर

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Gurugram Bomb Threat

गुरुग्राम के सेक्टर-34 स्थित नगर निगम (MCG) के मुख्य कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार को हड़कंप मच गया। धमकी ई-मेल के जरिए मिली थी। सुरक्षा को देखते हुए कार्यालय में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को तत्काल बाहर निकालकर पूरे परिसर की जांच शुरू की गई।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक धमकी भरा ई-मेल सुबह करीब 11 बजकर 38 मिनट पर मिला। ई-मेल में दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर कार्यालय में IED विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। संदेश की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी और भवन को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

MCG के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार घटना के समय इमारत में करीब 800 से 900 अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। धमकी की गंभीरता को देखते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सूचना मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचा। सुरक्षा टीमों ने नगर निगम कार्यालय की अलग-अलग मंजिलों, पार्किंग और अन्य स्थानों की जांच की।

शुरुआती तलाशी में किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच जारी रखी और ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने की कार्रवाई भी शुरू की।

जिस भवन को धमकी मिली, उसमें नगर निगम कार्यालय के अलावा CBSE का क्षेत्रीय कार्यालय, EPFO कार्यालय और मेयर कार्यालय भी संचालित होते हैं। ऐसे में धमकी मिलने के बाद पूरे भवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

पुलिस धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच भी कर रही है। ई-मेल किस स्थान से भेजा गया, इसके पीछे वास्तविक व्यक्ति कौन है और धमकी देने का उद्देश्य क्या था, इन सवालों का जवाब साइबर और तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।

कुछ रिपोर्ट्स में ई-मेल में एक संगठन के नाम का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है। हालांकि धमकी वास्तव में उसी संगठन या उससे जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा भेजी गई थी या किसी ने उसके नाम का इस्तेमाल किया, यह पुलिस जांच से ही तय होगा।

इससे पहले भी गुरुग्राम में कार्यालयों और अन्य संस्थानों को ई-मेल के जरिए बम की धमकियां मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस धमकी को गंभीरता से लेते हुए पहले परिसर खाली कराती है और बम निरोधक दस्ते से तलाशी कराती है।

फिलहाल नगर निगम कार्यालय की जांच में शुरुआती तौर पर कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ई-मेल के स्रोत की जांच कर रही है। धमकी वास्तविक थी या किसी ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से फर्जी ई-मेल भेजा, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद होगा।

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