हथिनीकुंड बैराज हादसे में दोनों जवानों के शव बरामद, एक करीब 200 KM दूर हरियाणा तो दूसरा यूपी में मिला; एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ भेजे

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Hathnikund Barrage Accident

हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना में सेना की बोट पलटने के हादसे में लापता दोनों जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। कई दिनों तक चले बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद एक जवान का शव हरियाणा में घटनास्थल से करीब 200 किलोमीटर दूर मिला, जबकि दूसरे जवान का शव उत्तर प्रदेश क्षेत्र से बरामद किया गया। दोनों के पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ भेजे गए हैं।

हादसा हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना में सेना की प्रशिक्षण गतिविधि के दौरान हुआ था। जवान बोट में सवार होकर अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान बोट हादसे का शिकार हो गई और उसमें सवार जवान नदी में गिर गए।

हादसे के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया था। तीन जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो जवान पानी के तेज बहाव में लापता हो गए थे। इसके बाद सेना और अन्य बचाव टीमों ने दोनों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया।

यमुना के साथ उससे जुड़े जलमार्गों और नहरों तक सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया। अलग-अलग टीमों को कई किलोमीटर के क्षेत्र में लगाया गया। पानी के तेज बहाव और बड़े सर्च एरिया के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा।

लंबी तलाश के बाद लापता जवानों में से एक का शव हरियाणा में घटनास्थल से करीब 200 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। शव इतनी दूर मिलने से माना जा रहा है कि पानी का तेज बहाव उसे काफी दूर तक ले गया था।

दूसरे जवान का शव उत्तर प्रदेश क्षेत्र से बरामद किया गया। दोनों शव अलग-अलग स्थानों पर मिलने के बाद संबंधित प्रशासन और सेना को सूचना दी गई। पहचान और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर सेना को सौंपे गए।

इसके बाद दोनों जवानों के पार्थिव शरीर को एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ भेजा गया। यहां आवश्यक सैन्य और चिकित्सकीय औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद उन्हें उनके पैतृक क्षेत्रों के लिए रवाना करने की प्रक्रिया की जाएगी।

हादसे में जान गंवाने वाले दोनों जवान विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कमांडो थे। इनमें एक जवान अजय अपने परिवार में चार बहनों का इकलौता भाई था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद पिता ने मजदूरी करके उसे पढ़ाया था। सेना में भर्ती होकर अजय ने परिवार का सपना पूरा किया था।

दूसरे जवान रोहित महाराष्ट्र के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और करीब दो साल का बेटा है। हादसे की सूचना के बाद दोनों जवानों के परिवारों और पैतृक क्षेत्रों में शोक का माहौल है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना की टीमों ने हरियाणा से उत्तर प्रदेश तक संभावित क्षेत्रों को खंगाला। स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियों का भी सहयोग लिया गया। दोनों जवानों के शव मिलने के साथ तलाश अभियान का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

अब हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशिक्षण के दौरान बोट किन परिस्थितियों में हादसे का शिकार हुई, पानी और मौसम की स्थिति कैसी थी तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं क्या थीं, इन सवालों का स्पष्ट जवाब सेना की आधिकारिक जांच से सामने आएगा।

दोनों जवानों के पार्थिव शरीर चंडीगढ़ भेजे जाने के बाद आगे उन्हें उनके गृह क्षेत्रों में ले जाया जाएगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जवानों की मौत से उनके परिवारों के साथ सेना और संबंधित क्षेत्रों में भी शोक की लहर है।

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