गुरुग्राम : शहर के सेक्टर-5 में घर के बाहर गली में खेल रही दो साल की बच्ची की कार की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के समय बच्ची की मां पास में ही मौजूद थी। घटना वहां लगे CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है। पुलिस ने बच्ची के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर दुर्घटना में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है।
मृत बच्ची की पहचान दो वर्षीय अधिरजा तिवारी के रूप में हुई है। उसके पिता वीरेंद्र तिवारी एक आईटी कंपनी में इंजीनियर हैं। परिवार सेक्टर-5 में रहता है।
वीरेंद्र तिवारी के मुताबिक उनकी बेटी घर के सामने गली में एक अन्य बच्चे के साथ खेल रही थी। इसी दौरान पास में रहने वाला एक युवक कार लेकर गली में आया। आरोप है कि कार मोड़ते समय बच्ची वाहन की चपेट में आ गई।
पिता ने बताया कि संबंधित कार चालक करीब पांच मिनट पहले भी वहां से गुजरा था। उस दौरान उसने गली के कोने पर बच्चों को खेलते देखा था और उन्हें रास्ते से हटाया भी था। इसके बाद जब वह कार लेकर वापस आया तो मोड़ पर अधिरजा वाहन की चपेट में आ गई।
हादसे के समय बच्ची की मां भी कुछ दूरी पर एक महिला से बात कर रही थी। CCTV फुटेज में रात करीब 9 बजे बच्ची को गली में खेलते देखा जा सकता है। इसके बाद एक कार गली में मुड़ती है और बच्ची उसकी चपेट में आ जाती है।
घटना होते ही बच्ची की मां दौड़कर पहुंची और उसे गोद में उठा लिया। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। कार चला रहा युवक भी वाहन से नीचे उतरा। इसके बाद परिजन बच्ची को तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्ची के पिता का कहना है कि हादसे के बाद उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि कार चालक आसपास ही रहता है। पिता ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि युवक ने जानबूझकर बच्ची को कार से टक्कर मारी, लेकिन घटना में उनकी बेटी की जान चली गई।
हादसे के बाद कार चालक के मौके से चले जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब CCTV फुटेज, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
सेक्टर-5 थाना प्रभारी सत्यवान के मुताबिक बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भेज दिया गया है। पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे में शामिल कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
CCTV फुटेज इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और वाहन चलाते समय चालक की ओर से किस स्तर की सावधानी बरती गई थी।
रिहायशी गली में हुई इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। हादसे ने एक बार फिर कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों की संकरी सड़कों पर वाहन चलाते समय कम गति और अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है।
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