कुरुक्षेत्र में हाईवे पर 10 दिन पुरानी थार में लगी आग, 700 KM ही चली थी; इंजन वार्निंग के बाद बोनट से निकला धुआं

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Kurukshetra Thar Fire

कुरुक्षेत्र : दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे-44 पर शाहाबाद के पास एक नई ब्लैक थार अचानक आग की चपेट में आ गई। गाड़ी चला रहे एडवोकेट ने इंजन में गड़बड़ी का संकेत मिलने के बाद उसे सड़क किनारे रोक दिया था। वह नीचे उतरकर जांच करने लगे तो बोनट से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग पूरी गाड़ी में फैल गई। घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

अंबाला के बराड़ा निवासी एडवोकेट अंशिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 31 अगस्त को ही करीब 16 लाख रुपए में नई थार खरीदी थी। घटना के समय गाड़ी करीब 700 किलोमीटर ही चली थी।

अंशिल के मुताबिक 11 सितंबर को वह बराड़ा से शाहाबाद होते हुए अंबाला कोर्ट जा रहे थे। उन्हें बार एसोसिएशन के चुनाव में मतदान करना था। इसी दौरान रास्ते में उनकी थार अचानक झटके देने लगी।

कुछ देर बाद डैशबोर्ड पर इंजन वार्निंग लाइट भी जल गई। नई गाड़ी में अचानक इस तरह की समस्या आने पर उन्हें तकनीकी खराबी का संदेह हुआ। उन्होंने सावधानी बरतते हुए शाहाबाद में अमन होटल के पास हाईवे किनारे गाड़ी रोक दी।

गाड़ी रोकने के बाद अंशिल इंजन की स्थिति देखने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान बोनट की तरफ से अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया। कुछ ही समय में धुएं के साथ आग की लपटें दिखाई देने लगीं और आग तेजी से गाड़ी के दूसरे हिस्सों तक फैल गई।

हाईवे पर कार में आग लगती देखकर आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें लगातार बढ़ती गईं। इसके बाद फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी गई।

शाहाबाद फायर स्टेशन के कर्मचारी आशीष कुमार के मुताबिक दोपहर करीब 12 बजे गाड़ी में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद शाहाबाद और अंबाला से दमकल की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं।

फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक गाड़ी का अधिकांश हिस्सा आग की चपेट में आ चुका था। आग से थार की बॉडी, इंटीरियर और अन्य हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा और मौके पर मुख्य रूप से उसका लोहे का ढांचा ही बचा।

अंशिल का कहना है कि उन्होंने गाड़ी करीब 10 दिन पहले ही खरीदी थी और इतने कम समय में इस तरह की घटना होने से वह हैरान हैं। घटना से ठीक पहले गाड़ी के झटके देने और इंजन वार्निंग लाइट जलने की बात सामने आई है।

हालांकि थार में आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। इंजन या किसी इलेक्ट्रिकल सिस्टम में तकनीकी खराबी थी या आग किसी अन्य कारण से लगी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि चालक ने समय रहते गाड़ी सड़क किनारे रोक दी और बाहर निकल गया। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के दौरान हाईवे पर मौजूद अन्य वाहन भी सुरक्षित रहे।

अब गाड़ी की तकनीकी जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि केवल करीब 700 किलोमीटर चली नई थार में अचानक आग कैसे लगी। फिलहाल आग लगने के कारण को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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