पंचकूला के बार में देर रात फायरिंग, 22 वर्षीय युवती के पैर में लगा छर्रा; पंजाब पुलिस के ASI समेत कई लोगों से पूछताछ

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Panchkula Bar Firing

पंचकूला : सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला बार एंड लाउंज में देर रात पार्टी के दौरान फायरिंग का मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और गोली चला दी गई। फायरिंग के दौरान 22 वर्षीय युवती के पैर में छर्रा लगने से वह घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना देर रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। फायरिंग की सूचना मिलते ही पंचकूला पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी अमन और क्राइम ब्रांच की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्लब में मौजूद लोगों से घटना के बारे में जानकारी जुटाई।

पुलिस अब क्लब में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि विवाद शुरू होने से लेकर फायरिंग और आरोपी के मौके से निकलने तक का पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया जा सके।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक पंजाब के फिरोजपुर से आया लकी नामक युवक अपने करीब छह साथियों के साथ क्लब में मौजूद था। वहीं पंजाब पुलिस के ASI पवन कुमार भी अपने तीन साथियों के साथ वहां बैठे हुए थे।

बताया जा रहा है कि दोनों समूहों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में विवाद मामूली था, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया। पुलिस के सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार फिरोजपुर से जुड़े समूह का एक युवक क्लब से बाहर गया और कथित तौर पर हथियार लेकर वापस आया।

आरोप है कि युवक ने क्लब के अंदर पहुंचने के बाद फायरिंग कर दी और वारदात के बाद मौके से फरार हो गया। हालांकि गोली चलाने वाले व्यक्ति की भूमिका और घटना के पीछे की वास्तविक वजह की पुलिस जांच कर रही है।

फायरिंग के दौरान क्लब में मौजूद 22 वर्षीय अंजलि के पैर में छर्रा लग गया। घायल युवती को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।

घटना के बाद क्लब में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच की टीम भी मामले में आरोपी की पहचान और तलाश में जुट गई है।

पुलिस ने घटना के समय क्लब में मौजूद पंजाब पुलिस के ASI पवन कुमार और उनके साथ आए तीन लोगों से पूछताछ शुरू की है। इसके अलावा फिरोजपुर से आए समूह से जुड़े तीन अन्य युवकों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, गोली किसने चलाई और घटना में इस्तेमाल हथियार कहां से आया। हिरासत में लिया जाना अपने आप में किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं करता और उनकी भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस के लिए क्लब की CCTV फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। फुटेज के जरिए घटनास्थल पर मौजूद लोगों की गतिविधियों और फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

मुख्य आरोपी बताए जा रहे युवक की तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार लाइसेंसी था या अवैध और वह किसके नाम पर दर्ज है।

फिलहाल घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग करने वाले आरोपी की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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