इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर का मौत से पहले का वीडियो आया सामने, हमले के लिए कई लोगों को ठहराया जिम्मेदार; पुलिस जांच में नए खुलासे

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Manjeet Kaur Influencer

चंडीगढ़ : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत के मामले में अब अस्पताल में रिकॉर्ड किया गया उनका एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उस समय का है, जब वह गंभीर रूप से झुलसी हालत में PGI चंडीगढ़ में भर्ती थीं। वीडियो में मनजीत ने शुभी, नेहा और दो युवकों पर उन्हें ले जाकर आग लगाने का आरोप लगाया था। वीडियो की परिस्थितियों और उसमें लगाए गए आरोपों को पुलिस जांच के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

मनजीत कौर करीब दो महीने तक अस्पताल में उपचाराधीन रही थीं। 26 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार के मुताबिक घटना के समय मनजीत गर्भवती थीं। उनकी मौत के बाद मामले की जांच ने तेजी पकड़ी और चंडीगढ़ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया।

इस मामले में पुलिस ने कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक वह मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू का सहयोगी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।

पुलिस पूछताछ में मिले सुरागों के बाद घटना की जगह और पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच में नया मोड़ आया है। शुरुआत में परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि मनजीत को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 से ले जाकर मोरिंडा के पास आग लगाई गई। अब पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के आधार पर सेक्टर-34 को भी वारदात की महत्वपूर्ण जगह मानकर जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार परमिंदर उर्फ पिंदा से पूछताछ में रिंकू और मनजीत के बीच विवाद की बात सामने आई है। कथित तौर पर दोनों के बीच पहले बहस हुई और बाद में विवाद बढ़ गया। इसके बाद मनजीत के साथ मारपीट और उन्हें आग लगाए जाने के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपी के कथित बयान को स्वतंत्र साक्ष्यों से सत्यापित करने की प्रक्रिया जारी है।

मनजीत की मां कांता देवी ने पुलिस को बताया था कि 3 जुलाई की रात उनकी बेटी को परिचितों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में बुलाया था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। परिवार को बाद में उसके गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली।

कांता देवी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को कार में ले जाया गया और उसके साथ गंभीर हिंसा की गई। परिवार का दावा है कि घटना के बाद मनजीत को अस्पताल पहुंचाया गया और गंभीर हालत के कारण बाद में PGI चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।

परिवार के अनुसार इलाज के दौरान 5 अगस्त के आसपास मनजीत की हालत में कुछ सुधार हुआ और वह घटना के संबंध में जानकारी देने की स्थिति में थीं। मां ने आरोप लगाया था कि उन्होंने संबंधित पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन उस समय बेटी का बयान दर्ज नहीं किया गया। इस दावे और पुलिस की ओर से उस समय की गई कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की भी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मनजीत की मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की कि 3 जुलाई की रात वास्तव में क्या हुआ था। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और उपलब्ध CCTV फुटेज समेत तकनीकी साक्ष्यों को जांच में शामिल किया।

10 सितंबर को परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा की गिरफ्तारी इस मामले में पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई रही। उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-48 की मोटर मार्केट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच में मिले सुरागों के आधार पर उसकी भूमिका सामने आई।

पुलिस अब मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू और शुभी की तलाश कर रही है। सेक्टर-34 थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों का पता लगा रही है। इसके साथ ही आरोपियों के कथित बयानों को मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है।

जांच में घटना के दौरान इस्तेमाल वाहन को लेकर भी पड़ताल चल रही है। पुलिस एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार की तलाश और उसके मूवमेंट की जांच कर रही है। शुरुआत में एक फॉर्च्यूनर कार को लेकर संदेह जताया गया था, लेकिन मौजूदा जांच में पुलिस दूसरे वाहन से जुड़े सुरागों पर ध्यान दे रही है।

मनजीत कौर 28 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट थीं। वह मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली बताई गई हैं और बाद में खरड़ क्षेत्र में रह रही थीं। सोशल मीडिया पर वह मेकअप, लाइफस्टाइल, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और पंजाबी-हरियाणवी गानों से जुड़ी रील्स व वीडियो पोस्ट करती थीं।

इंस्टाग्राम पर मनजीत के करीब 1.46 लाख फॉलोअर्स बताए गए हैं। सोशल मीडिया पर पहचान बनाने के कारण उनकी मौत का मामला भी व्यापक चर्चा में आया है।

अब सामने आए अस्पताल के वीडियो को मामले की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, लेकिन वीडियो में मनजीत की ओर से जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी आपराधिक जिम्मेदारी पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश के साथ 3 जुलाई की रात के पूरे घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर जोड़ने में जुटी है।

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