हरियाणा : प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। छह जिलों करनाल, गुरुग्राम, नूंह (मेवात), पलवल, फरीदाबाद और यमुनानगर के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यमुनानगर में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता के चलते कुरुक्षेत्र, कैथल, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, जींद, भिवानी और चरखी दादरी समेत कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
प्रदेश में बारिश का यह दौर 17 सितंबर तक बने रहने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है और कहीं हल्की तो कहीं अपेक्षाकृत तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश के साथ अगले चार दिनों के दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बादल छाए रहने और बारिश होने वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि बारिश नहीं होने वाले इलाकों में उमस परेशान कर सकती है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों और आम लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने या गरज के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और अन्य असुरक्षित स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए।
इससे पहले रविवार को भी हरियाणा के आठ जिलों में बारिश दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा असर पंचकूला और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां तेज बारिश और पहाड़ों से आए पानी के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
पंचकूला के रुड़की गांव में बारिश के बाद कई घरों में पानी घुस गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ स्थानों पर घरों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया था। अचानक पानी बढ़ने से लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पिंजौर की शिव शक्ति कॉलोनी में भी बारिश के बाद गलियों और सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। कई घरों के साथ एक प्राचीन मंदिर परिसर में भी पानी पहुंचने की बात सामने आई। जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
एक्टिवा सवार युवक के पानी के बीच फंसने की घटना भी सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बहाव के दौरान युवक का मोबाइल पानी में गिरकर बह गया। लोगों ने प्रशासन से नालों की नियमित सफाई और जलनिकासी व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
अंबाला में भी बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, हिमाचल और पंचकूला के पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश का असर मोरनी हिल्स में भी दिखाई दिया। यहां लैंडस्लाइड के कारण टिक्कर ताल की ओर जाने वाला रास्ता प्रभावित हुआ। मार्ग पर फंसे कुछ पर्यटकों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की गई।
पंचकूला क्षेत्र की गोबिन्दपुर नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने की घटना भी सामने आई। तेज बहाव में करीब 10 पशुओं के बहने की जानकारी दी गई है। बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 सितंबर तक मानसूनी गतिविधियां बने रहने से प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में निचले और पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करने और खुले खेतों में बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह है।
![]()











