हिसार : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बेटे एवं पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई से जुड़ी एक लग्जरी Audi Q7 कार एक बार फिर चर्चा में है। दावा है कि लंबे समय तक कुलदीप बिश्नोई के इस्तेमाल में रही यह कार फिलहाल देवेंद्र बूड़िया से जुड़े परिसर में खड़ी है और लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने के कारण इसकी हालत खराब हो रही है।
बताया जा रहा है कि कार का रजिस्ट्रेशन देवेंद्र बूड़िया की कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर है। कुलदीप बिश्नोई और अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा से जुड़े देवेंद्र बूड़िया के बीच संगठन के संरक्षक पद को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों के संबंधों में खटास आई थी।
इसी विवाद के बीच कार भी चर्चा में आ गई। दावा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कुलदीप बिश्नोई की ओर से कार वापस भेज दी गई थी। इसके बाद से यह कार इस्तेमाल में नहीं है।
कार का नंबर DL2FCB0001 बताया गया है। यह विशेष नंबर कुलदीप बिश्नोई से लंबे समय से जुड़ा रहा है। उनके पुराने चुनावी हलफनामे में भी DL2FCB0001 नंबर वाले वाहन का उल्लेख मिलता है।
इस पूरे मामले में कार की वास्तविक मौजूदा स्वामित्व स्थिति, उसे वापस भेजने की परिस्थितियों और विशेष नंबर को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या औपचारिक बातचीत हुई, इसे लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बूड़िया के बीच विवाद अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा में संरक्षक पद को लेकर सार्वजनिक रूप से सामने आया था। बूड़िया ने करीब दो साल पहले कुलदीप बिश्नोई पर उनसे जबरन इस्तीफा लेने का आरोप लगाया था।
इसके बाद मुकाम धाम में हुई एक बैठक में कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटाने की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई थी। इस फैसले को लेकर संगठन के भीतर ही मतभेद उभर गए थे।
बाद में कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में महासभा से जुड़े 14 पदाधिकारियों की ओर से रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट देने की बात सामने आई। इसमें दावा किया गया था कि संबंधित बैठक में उन्हें शामिल नहीं किया गया और संरक्षक को हटाने की प्रक्रिया नियमों के मुताबिक नहीं थी।
मामला बढ़ने के बाद रजिस्ट्रार सोसाइटी की ओर से देवेंद्र बूड़िया से जवाब मांगे जाने की बात भी सामने आई थी। बाद में कुलदीप बिश्नोई ने स्वयं संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी।
इस संगठनात्मक विवाद के बाद देवेंद्र बूड़िया एक अलग आपराधिक मामले में भी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। हिसार की एक युवती की शिकायत पर उनके खिलाफ यौन हिंसा से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। बूड़िया ने आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें झूठा बताया है।
इस मामले में पुलिस ने बूड़िया को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई। मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा किया जाना बाकी है।
पुलिस ने इस मामले में 1912 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी, जिसमें 45 गवाहों का उल्लेख किया गया। जांच एजेंसी ने मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, CCTV से संबंधित रिपोर्ट और अन्य सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया है। बचाव पक्ष आरोपों से इनकार करता रहा है।
इधर, Audi Q7 को लेकर चर्चा इसलिए भी है क्योंकि यह महंगी लग्जरी SUV श्रेणी की कार है। कुलदीप बिश्नोई के पास पहले भी कई लग्जरी वाहनों का उल्लेख उनके सार्वजनिक चुनावी हलफनामों में रहा है।
फिलहाल कार के लंबे समय से खड़े रहने और उसके इस्तेमाल को लेकर किए जा रहे दावे चर्चा में हैं। हालांकि कार किस समझौते या व्यवस्था के तहत देवेंद्र बूड़िया की कंपनी के नाम रजिस्टर्ड हुई और मौजूदा समय में उस पर कानूनी स्वामित्व किसका है, इस पर आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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