सोनीपत : जिले के बहुचर्चित दिनेश उर्फ नान्हू हत्याकांड में करीब नौ साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की अदालत ने घटना के समय नाबालिग रहे एक आरोपी समेत छह लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अलग-अलग अपराधों में प्रत्येक दोषी पर कुल ₹55 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
मामला खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव बरोणा में दिसंबर 2017 में हुई दिनेश उर्फ नान्हू की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 6 दिसंबर 2017 की रात दिनेश अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में आए हमलावर उसे जबरन अपने साथ ले गए थे।
दिनेश की मां कमला ने अपने बेटे को बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उन पर भी गोली चला दी थी। गोली लगने से वह घायल हो गई थीं। इसके बाद हमलावर दिनेश को गांव के अड्डे की तरफ ले गए, जहां उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वारदात के अगले दिन 7 दिसंबर 2017 को कमला के बयान पर खरखौदा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने हत्या, हत्या की कोशिश और अपहरण समेत अन्य संबंधित धाराओं में जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर सबूत जुटाए। पुलिस जांच में सामने आया था कि दिनेश उर्फ नान्हू पर रवि उर्फ लांबा के चचेरे भाई दिनेश पर गोली चलाने का आरोप था।
इसके बाद पुलिस ने जेल में बंद रवि उर्फ लांबा से पूछताछ की। जांच रिकॉर्ड के अनुसार इसी पूछताछ के बाद पुलिस को हत्याकांड से संबंधित अन्य आरोपियों की कड़ी मिली और जांच आगे बढ़ाई गई।
मामले में पुलिस ने गांव मल्हा माजरा निवासी मदन उर्फ टीटू, बड़वासनी निवासी पंकज उर्फ सोनू, मंडोरा निवासी ललित उर्फ लक्की, बरोणा निवासी विकास उर्फ फौजी और विकास उर्फ एक्शन को गिरफ्तार किया था। वारदात के समय नाबालिग रहे एक अन्य आरोपी को भी अभिरक्षा में लिया गया था।
मामला अदालत में पहुंचने के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपने-अपने साक्ष्य और तर्क पेश किए गए। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट ने छह आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने सभी छह को हत्या, हत्या की कोशिश, हत्या के उद्देश्य से अपहरण और घातक हथियार के साथ दंगा करने से संबंधित अपराधों में दोषी पाया। घटना के समय नाबालिग रहे आरोपी के मामले की सुनवाई लागू कानूनी प्रावधानों के तहत की गई।
कोर्ट ने हत्या के अपराध में सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ₹25-25 हजार जुर्माना लगाया है। इसके अलावा धारा 148 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और ₹5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
हत्या की कोशिश के अपराध में प्रत्येक दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास और ₹15 हजार जुर्माना लगाया गया। वहीं अपहरण से संबंधित अपराध में 10 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
इस तरह अलग-अलग अपराधों में प्रत्येक दोषी पर कुल ₹55 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अदालत के आदेश के मुताबिक अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अलग-अलग अपराधों में सुनाई गई कारावास की सजाएं एक साथ चलेंगी। ऐसे में छह दोषियों की मुख्य सजा उम्रकैद रहेगी।
दिसंबर 2017 में हुई इस वारदात के बाद मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा था। अब करीब नौ साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने मामले में छह लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया है।
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