हरियाणा में तेज हवाओं के साथ बारिश, फतेहाबाद में बिजली गिरने से महिला की मौत; हिसार मंडी में बह गई 5 टन मूंगफली

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Haryana Rain

हरियाणा : प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार सुबह तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया, लेकिन कई जगह नुकसान और जलभराव की स्थिति भी बनी। फतेहाबाद के खजूरी जाटी गांव में बिजली गिरने के बाद मकान की छत ढह गई, जिसके मलबे में दबने से 58 वर्षीय नन्हीं देवी की मौत हो गई। वहीं हिसार की अनाज मंडी में बारिश के पानी के साथ करीब पांच हजार किलो मूंगफली बह गई।

हिसार में बुधवार देर रात बारिश शुरू हुई। अनाज मंडी की दुकान नंबर-60 पर एक दिन पहले ही राजस्थान से करीब पांच टन यानी पांच हजार किलो मूंगफली बिक्री के लिए पहुंची थी। आढ़ती जगदीश के अनुसार देर रात तेज बारिश के बाद पानी के साथ मूंगफली सड़क पर बह गई।

मंडी में लोगों ने जाल लगाकर पानी में बही मूंगफली को निकालने का प्रयास किया। काफी मात्रा में मूंगफली वापस निकाल ली गई, लेकिन पूरी उपज रिकवर नहीं हो सकी। इससे संबंधित व्यापारियों को नुकसान हुआ है।

फतेहाबाद जिले के खजूरी जाटी गांव में बारिश के दौरान एक मकान पर बिजली गिरने की घटना सामने आई। इसके बाद मकान की छत ढह गई। मलबे की चपेट में आने से 58 वर्षीय नन्हीं देवी की मौत हो गई।

जींद में भी तेज हवा और बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला। उचाना से भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री के जींद स्थित आवास के सामने सड़क पर पानी जमा हो गया। तेज हवा के कारण वहां लगा बैरिकेड भी गिर गया।

जींद में SBI की मुख्य शाखा के प्रवेश द्वार के पास एक पेड़ उखड़कर गिर गया। पेड़ गिरने के कारण बैंक कर्मचारियों और वहां पहुंचने वाले लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

हिसार शहर में भी बारिश के बाद कई जगह पानी जमा हो गया। श्मशान घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। पानी से भरी सड़क के बीच से मोक्ष वाहन को गुजरना पड़ा।

पानीपत में बारिश के साथ बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की स्थिति सामने आई। बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था सामान्य करने में समय लगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल समेत 17 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

बारिश से पहले प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अधिकतम तापमान के औसत में करीब 1.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हिसार का बालसमंद क्षेत्र 38.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा।

चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और पलवल में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में औसतन 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। पंचकूला में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में यह 21.6 और गुरुग्राम में 23 डिग्री सेल्सियस रहा।

मानसून सीजन में हरियाणा के अलग-अलग जिलों में बारिश का वितरण भी काफी असमान रहा है। 1 जून से 15 सितंबर तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

पलवल में इस अवधि के दौरान 473.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 21 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसके विपरीत जींद में 145.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है।

सिरसा में भी सामान्य के मुकाबले करीब 58 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य के अन्य कई जिलों में भी मानसून की बारिश सामान्य स्तर से नीचे रही है।

गुरुवार को हुई बारिश ने उमस और गर्मी से कुछ राहत जरूर दी, लेकिन फतेहाबाद में जानमाल के नुकसान, हिसार में कृषि उपज बहने और कई शहरों में जलभराव व बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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