फरीदाबाद : राजीव कॉलोनी में शुक्रवार सुबह सैर के लिए निकले 19 वर्षीय युवक और उसके पालतू कुत्ते की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा पंडित चौक के पास सड़क पर पड़े बिजली के टूटे तार के कारण हुआ बताया जा रहा है। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार राजीव कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय युवक एक निजी कंपनी में काम करता था। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे वह रोजाना की तरह अपने पालतू कुत्ते के साथ सैर के लिए घर से निकला था। घर से कुछ दूरी पर पंडित चौक के पास पहुंचने पर यह हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंडित चौक के पास बिजली की लाइन का एक तार रात में टूटकर सड़क पर गिर गया था। सुबह तक तार वहीं पड़ा रहा। लोगों का आरोप है कि समय रहते बिजली सप्लाई बंद करने, तार हटाने या उस स्थान पर लोगों को जाने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
बताया जा रहा है कि सैर के दौरान सबसे पहले युवक का पालतू कुत्ता सड़क पर पड़े तार के संपर्क में आया और करंट की चपेट में आ गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में युवक भी तार के संपर्क में आ गया। करंट लगने के कारण दोनों की मौत हो गई।
सुबह के समय हुई घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हादसे की सूचना युवक के परिवार और पुलिस को दी गई। युवक की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया।
सूचना मिलने पर सेक्टर-58 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। हादसे से जुड़े हालात की जांच की जा रही है।
परिजनों और स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यदि रात में टूटे बिजली के तार की सूचना पर समय रहते कार्रवाई की जाती या घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों को सतर्क किया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बिजली की लाइनों की जांच कराने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्र में सड़क पर करंट प्रवाहित तार पड़ा होना गंभीर खतरा है और ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल बिजली विभाग की ओर से लापरवाही के आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आने की जानकारी नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तार कब और किन परिस्थितियों में टूटा तथा संबंधित विभाग को इसकी सूचना कब मिली थी।
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