नारनौल में ₹9.34 लाख के लोन चेक में कथित धोखाधड़ी, दंपती और बैंक शाखा के खिलाफ केस दर्ज

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Narnaul Fraud Case

नारनौल : आवास फाइनेंस कंपनी के साथ 9 लाख 34 हजार 714 रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में नारनौल शहर थाना पुलिस ने एक दंपती और बैंक शाखा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत आवास फाइनेंस लिमिटेड की नारनौल शाखा के मैनेजर नवल कुमार की ओर से पुलिस अधीक्षक को दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने BNS की धारा 61(2) और 318(4) के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार गांव जाटवास निवासी गीतांजली और उसके पति चरण सिंह ने आवास फाइनेंस कंपनी से संपर्क किया था। उन्होंने कंपनी को बताया कि उनका इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, नीमकाथाना से आवास ऋण चल रहा है और वे इसे बैलेंस ट्रांसफर (BT) के जरिए आवास फाइनेंस कंपनी में स्थानांतरित करवाना चाहते हैं।

कंपनी के मुताबिक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जनवरी 2025 में दंपती का लोन मंजूर किया गया। शिकायत में कहा गया है कि 28 जनवरी 2025 को 9 लाख 34 हजार 714 रुपये का चेक इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, नीमकाथाना के नाम जारी किया गया था।

कंपनी का कहना है कि यह चेक दंपती को स्पष्ट निर्देश के साथ सौंपा गया था कि इसे संबंधित फाइनेंस कंपनी में जमा कर पुराने आवास ऋण का भुगतान किया जाए। इसके बाद पुराने ऋण के एवज में गिरवी रखे गए दस्तावेज वहां से वापस लेकर आवास फाइनेंस कंपनी में जमा करवाए जाने थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दंपती ने न तो पुराने ऋण से संबंधित दस्तावेज कंपनी के पास जमा करवाए और न ही निर्धारित प्रक्रिया पूरी की। इस पर आवास फाइनेंस कंपनी ने इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन से संपर्क कर चेक के बारे में जानकारी जुटाई।

कंपनी के मुताबिक इस दौरान पता चला कि संबंधित चेक इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन की नीमकाथाना शाखा तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद मामले की आंतरिक स्तर पर जांच की गई।

शिकायत में दावा किया गया है कि जांच के दौरान चेक नारनौल स्थित इंडसइंड बैंक के एक खाते में क्लियर होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि यह खाता इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन के नाम से कथित तौर पर खोला गया था और उसी खाते के जरिए चेक की राशि प्राप्त की गई।

आवास फाइनेंस कंपनी ने शिकायत में बैंक शाखा की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि खाता खोलते समय संबंधित संस्था की पहचान, अस्तित्व और वैधता की उचित जांच नहीं की गई। कंपनी ने पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

शिकायत के अनुसार मामला पहले भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद इसकी जांच महावीर चौकी और आर्थिक अपराध शाखा को भेजी गई थी।

अब नारनौल शहर थाना पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस चेक किस खाते में जमा हुआ, संबंधित खाता किन दस्तावेजों के आधार पर खोला गया और रकम का आगे क्या हुआ, इन पहलुओं की जांच कर रही है।

मामले में दंपती और बैंक शाखा पर लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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