राज्यसभा सांसद पर ED कार्रवाई से सियासी घमासान तेज

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Ashok Mittal ED raid

पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, ED की यह कार्रवाई दिल्ली और छत्तीसगढ़ में हुई पिछली छापेमारियों के बाद सामने आई है, जहां ऐसे मामलों के बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिला था। इसी संदर्भ में इस रेड को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इस छापेमारी के पीछे पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जा रही है। पार्टी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और उनके इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयां चुनावी माहौल में और अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।

फिलहाल, ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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