हरियाणा के भिवानी में राव नरेंद्र ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान का इस्तीफा आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत है। राव नरेंद्र ने दावा किया कि सरकार को आंदोलन के दबाव में दो बार झुकना पड़ा है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
राव नरेंद्र ने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम को केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, आंदोलन से जुड़े मुद्दे व्यापक हैं और इन्हें लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लिए गए फैसलों और आंदोलनकारियों की मांगों के बीच पैदा हुए विवाद का समाधान बातचीत और उचित कार्रवाई से होना चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार दो बार झुक चुकी है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में जिन दो मौकों का जिक्र किया, उनकी विस्तृत परिस्थितियां और आधिकारिक पक्ष अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
राव नरेंद्र ने विपक्षी दलों की संभावित एकजुटता को लेकर भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दल एक मंच पर आ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो आने वाले समय में सरकार के खिलाफ राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।
उनका बयान ऐसे समय में आया है, जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और छात्र एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े आंदोलन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राव नरेंद्र के मुताबिक, आंदोलन की दिशा अब केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगी। आगे की रणनीति में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय की संभावना भी बन सकती है।
फिलहाल राव नरेंद्र के दावों पर सरकार या भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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