गुरुग्राम में वांगचुक बोले- शिक्षा ही नहीं, शासन भी बदलेगा; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बताया आगे का प्लान

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Sonam Wangchuk

हरियाणा के गुरुग्राम में पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देश की शिक्षा व्यवस्था और शासन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में शासन करने के तरीके में भी बदलाव लाने की जरूरत है।

वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का इस्तीफा अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसके जरिए व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ देश में नीतियां बनाने और उन्हें लागू करने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है। उनके मुताबिक, युवाओं और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाकर शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

वांगचुक ने अपने आगे के प्लान को लेकर कहा कि आंदोलन और जनजागरूकता के जरिए लोगों तक मुद्दों को पहुंचाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में शिक्षा, युवाओं और शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति या पद पर बदलाव से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए नीतिगत और संस्थागत बदलाव जरूरी हैं।

वांगचुक के बयान के बाद शिक्षा और शासन व्यवस्था को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है। उनके समर्थकों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी मंत्री या अधिकारी के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक सुधार की मांग को सामने रखना है।

वहीं, सरकार की ओर से वांगचुक के इन बयानों पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल गुरुग्राम में दिए गए उनके बयान ने शिक्षा और शासन व्यवस्था में बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक बार फिर तेज कर दिया है।

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