हरियाणा के भिवानी में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग से 31.25 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि ठगों ने बुजुर्ग को करीब 17 घंटे तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा और डराकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने फोन कॉल के जरिए खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। उन्होंने बुजुर्ग को किसी गंभीर मामले में फंसाने और कार्रवाई की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया। इसके बाद वीडियो कॉल और लगातार निगरानी के जरिए पीड़ित को घंटों तक ऑनलाइन जुड़े रहने के लिए मजबूर किया गया। इसी दौरान आरोपियों ने अलग-अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली।
पीड़ित को बाद में ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। साइबर थाना और जांच एजेंसियों ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा क्या अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातें की गई हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। पुलिस ने कहा कि कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं देती।
यह मामला साइबर अपराधियों के नए तरीकों को लेकर गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। पुलिस लगातार लोगों को डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक करने में जुटी हुई है।
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