भाखड़ा पानी को लेकर बुजुर्गों का अनशन तेज, प्रशासन को चेतावनी

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Hansi,

हांसी में भाखड़ा नहर का पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। क्षेत्र के पांच बुजुर्ग लंबे समय से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पानी की समस्या को लेकर बार-बार आवाज उठाने के बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

अनशन पर बैठे बुजुर्गों ने अपने-अपने शपथ पत्र तैयार करवाए हैं। उनका कहना है कि यदि आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। इस कदम के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है और स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भाखड़ा नहर का पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई प्रभावित होने से फसलों पर असर पड़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति भी पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि कई बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रदर्शनकारियों से संवाद बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पानी से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। साथ ही अनशन पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य की भी नियमित निगरानी की जा रही है।

स्थानीय लोगों और किसान संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। उनका कहना है कि पानी की उपलब्धता कृषि और ग्रामीण जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं, जिससे इस विवाद का समाधान निकल सके।

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