बैंक घोटाले के बाद हरियाणा सरकार सख्त, सभी विभागों से मांगा 5 साल के बैंक खातों का पूरा रिकॉर्ड

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Haryana Finance Department

हरियाणा में सामने आए बैंक घोटाले के बाद राज्य सरकार ने वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं से पिछले पांच वर्षों के बैंक खातों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। इस निर्देश के बाद विभिन्न विभागों में बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच प्रक्रिया तेज हो गई है।

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी विभागों को अपने संचालन में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसमें खातों की संख्या, बैंक का नाम, शाखा, खाते के संचालन की स्थिति और वित्तीय लेनदेन से संबंधित आवश्यक विवरण शामिल हैं। विभागों से निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में सामने आए बैंक घोटाले के बाद सरकार ने सरकारी धन के उपयोग और बैंक खातों की निगरानी को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी सरकारी खाते नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं और किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की संभावना न रहे।

अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त विवरणों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों से अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जा सकती है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे जानकारी तैयार करते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि न रखें और सभी बैंक खातों का अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं। इस कवायद से सरकारी वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल सभी विभाग निर्धारित प्रारूप में अपने बैंक खातों का विवरण तैयार करने में जुटे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम सरकारी धन के बेहतर प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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